अच्छे कंटेंट के लिए सही माध्यम का चयन आवश्यकःअनिल कुमार
विश्व संवाद केंद्र की कार्यशाला में पांच राज्यों के युवाओं की सहभागिता
चंडीगढ़, 19 जनवरी (हि.स.)। विश्व संवाद केंद्र द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में नागरिक पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला का विषय “राष्ट्र निर्माण में नागरिक पत्रकारिता की भूमिका” रहा।
पंचकूला स्थित माधव कुंज में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि पत्रकारिता अब केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व के रूप में उभर रही है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उत्तर क्षेत्र के प्रचार प्रमुख अनिल कुमार ने कहा कि अच्छा और प्रभावी कंटेंट स्वतः नहीं मिलता, इसके लिए सही माध्यमों का चयन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कंटेंट लेखन में केवल सूचना नहीं, बल्कि उसका संदेश, दृष्टिकोण और सामाजिक प्रभाव महत्वपूर्ण होता है।
अनिल कुमार ने स्वामी विवेकानंद के आदर्श विचारों का उल्लेख करते हुए जातिगत भेदभाव के उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन और “स्व” के भाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भाषा, भूषा, भोजन और भ्रमण में स्वदेशी और आत्मबोध की भावना को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला मॉड्यूल-वन का हिस्सा है, जिसके बाद मॉड्यूल-टू और मॉड्यूल-थ्री आयोजित किए जाएंगे।
वरिष्ठ पत्रकार हरेश वशिष्ठ ने कहा कि नागरिक पत्रकारिता लोकतंत्र की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी, स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार, विकास की अनदेखी जैसे मुद्दों पर नागरिक पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि कई बार परंपरागत मीडिया इन मुद्दों तक पहुंच नहीं पाता या उन्हें पर्याप्त स्थान नहीं देता।
साहित्यकार पी. साईं वैद्यनाथन ने पर्यावरण परिवर्तन के विषय पर युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली सनातन धर्म की मूल शिक्षा है। सनातन परंपरा में प्रकृति संरक्षण के अनेक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि नागरिक पत्रकारिता में पर्यावरण से जुड़े विषयों को उठाने के लिए आज अनेक तकनीकी साधन उपलब्ध हैं। विख्यात आरजे एवं कथाकार पंकज पम्मू ने कहा कि आज मोबाइल फोन के चलते हर व्यक्ति खुद को पत्रकार समझने लगा है, लेकिन स्मार्ट सिटीजन होने के नाते यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम जो भी कंटेंट लिखें, रिकॉर्ड करें या साझा करें, वह जिम्मेदारी के साथ हो।
विश्व संवाद केंद्र हरियाणा के संपादक राजेश शांडिल्य ने कहा कि नागरिक पत्रकारिता केवल मोबाइल उठाकर खबरें परोसने तक सीमित नहीं, सच्चाई से जिम्मेदारी उठाने का काम है। आज सूचना की नहीं, बल्कि सच्चाई से पत्रकारिता करने वालों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। निडरता, सत्यनिष्ठा और दायित्वबोध के बिना खबर समाज को दिशा नहीं, केवल शोर पैदा करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा