सिरसा: अशोक मर्डर मामले में ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

 


सिरसा, 03 सितंबर (हि.स.)। जिले के गांव छतरिया में महज एक हजार रुपये के लेनदेन को युवक अशोक कुमार की हत्या मामले में गुरुवार को परिजन ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने रोष जाहिर करते हुए मामले में जांच अधिकारी सहित पूरे थाना स्टाफ काे बदलने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियोंं को बचाने और मामले में निर्दोष लोगों को पकडक़र खानापूर्ति करने में लगी है। मामले में ढिलाई बरती जा रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे पूरे परिवार की जान को खतरा बना हुआ है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि घटना 12 जुलाई की है। अशोक अपने भाई मुकेश और चाचा के साथ खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे गांव के ही दबंग युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। हमले के दौरान मुकेश और उसके चाचा ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन हमलावरों ने अशोक को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और लोहे के पाइपों से उस पर किए वार किए गए।

हमले में गंभीर रूप से घायल अशोक को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने अशोक के शरीर पर 15 से ज्यादा गहरे घाव और गंभीर चोटें मारी। ग्रामीणों ने बड़ागुढ़ा थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हत्या के इस मामले में 17 लोग संलिप्त हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल छह लोगों को ही पकड़ा है। बीते दिन एक और युवक की गिरफ्तारी की बात कही गई है, जिस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आने वाले समय में वे रोड जाम करने पर मजबूर होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma