हिसार : प्रशासन ने आधी रात काे हटाया टी-प्वांइट,भड़के ग्रामीण
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, चानौत में भाखड़ा के पानी पर फिर बवाल
हिसार, 23 जून (हि.स.)। चानौत गांव में भाखड़ा नहर के पानी को लेकर चल रहा
आंदोलन हिंसक टकराव में बदल गया। प्रशासन ने साेमवार देर रात भारी
पुलिस बल की मौजूदगी में भाखड़ा नहर से हांसी शहर को आने वाली पाइपलाइन पर लगाए गए
टी-पॉइंट को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान टी हटाने का ग्रामीणों ने विरोध किया,
जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी घायल हाे गए। स्थिति को नियंत्रित करने
के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का लाठीचार्ज भी किया गया।
जानकारी के अनुसार, चानौत गांव के ग्रामीण पिछले 39 दिनों से गांव के लिए पेयजल
आपूर्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा भाखड़ा नहर से हांसी शहर
को आने वाली मुख्य पाइपलाइन में टी पॉइंट कनेक्शन लगाकर गांव तक पानी पहुंचाने की मांग की
जा रही है। इसी मांग को लेकर गांव में धरना
और आमरण अनशन भी जारी था।
सोमवार देर रात जिला प्रशासन ने टी-पॉइंट हटाने का निर्णय लिया। उपायुक्त राहुल
नरवाल और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीनों और
हाइड्रा क्रेन के साथ मौके पर पहुंची और जैसे ही टी-पॉइंट हटाने की कार्रवाई शुरू
हुई, वहां मौजूद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ
ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा ग्रामीण आमने-सामने आ गए। विरोध बढ़ने
पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद हल्का
लाठीचार्ज भी किया गया।
प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा घेरे में टी-कनेक्शन को पाइपलाइन से अलग कर दिया
और उसे अपने साथ ले गई। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगाने
के लिए संबंधित विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी और यह कार्रवाई नियमों के विरुद्ध
थी। टी-पॉइंट हटाए जाने के बाद आंदोलनकारी ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों
का आरोप है कि उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान करने के बजाय प्रशासन ने
बल प्रयोग किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि गांव को स्थायी रूप से पानी उपलब्ध कराने
की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने विधायक विनोद भयाना का गांव में हुक्का-पानी
व प्रवेश बंद करने के साथ पूरे गांव की गिरफ्तारी देने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर पिछले 39 दिनों से आंदोलन
चल रहा है। पांच ग्रामीण आमरण 12 दिनों तक अनशन पर बैठे हुए थे और गांव के लोग लगातार
धरना दे रहे थे। प्रशासन का कहना है कि भाखड़ा से हांसी शहर को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन
में बिना स्वीकृति के अवैध रूप से टी लगाई गई थी और किसी प्रकार का अवैध कनेक्शन लगाना
नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून
व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद हांसी क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना
हुआ है। प्रशासन ने एतिहात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार
नजर रखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर