प्रदेश में बनेंगे 582 ‘विलेज नॉलेज सेंटर’, ग्रामीणों को मिलेगी एक ही स्थान पर सुविधा
- 514.53 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे सेंटर, स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक में लिया निर्णय
चंडीगढ़, 02 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मकसद ग्रामीणों को भी शहरों जैसी बेहतर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। सरकार गांवों के विकास पर लगातार काम कर रही है, सरकार के प्रयास है कि हर तरह की सुविधा ग्रामीण इलाके में भी मिले।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों द्वारा नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में 582 विलेज नॉलेज सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिसके तहत प्रत्येक विलेज नॉलेज सेंटर पर लगभग 88.33 लाख रुपये खर्च होंगे। इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि इस परियोजना हेतु आवश्यक धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि योजना का क्रियान्वयन समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सके।
विलेज नॉलेज सेंटर को गांव में एक ‘ऑल-इन-वन’ सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विकास एवं पंचायत विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी उपलब्ध रहें। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं सुगमता से मिल सकेंगी। इनमें बैठक कक्ष, सरपंच कार्यालय, सीएससी रूम, डिजिटल लाइब्रेरी, केयर टेकर कक्ष जैसी सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ‘विलेज नॉलेज सेंटर’ परिसर में चबूतरे के साथ एक छायादार पेड़ भी लगाया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में चबूतरा और पेड़ हमेशा से ही आपसी मेल-जोल, बातचीत और सामुदायिक जीवन का हिस्सा रहे हैं। इसी पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाते हुए विलेज नॉलेज सेंटर परिसर में ऐसी व्यवस्था की जाए, ताकि यह केंद्र केवल सरकारी सेवाओं का स्थान न रहकर ग्रामीणों के लिए बैठने, संवाद करने और आपसी मेल-जोल का सुविधाजनक सामुदायिक स्थल भी बन सके।
गलियों की रिपेयरिंग, फिरनी और स्ट्रीट लाइटिंग पर भी विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों के विकास में बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में गलियों की रिपेयरिंग का उचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों की ओर से गलियों के लेवल और रखरखाव से संबंधित शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां गली का कोई हिस्सा धंसने या क्षतिग्रस्त होने की वजह से मरम्मत की जरूरत हो, वहां पूरी गली को अनावश्यक रूप से उखाड़ने की बजाय जरूरत के अनुसार उसी हिस्से की मरम्मत कर उसे दुरुस्त किया जाए, ताकि सरकारी धन का भी सही उपयोग हो और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की फिरनी की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्ट्रीट लाइटिंग को दुरुस्त रखने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा