यमुनानगर:सब्सिडी वाले कृषि ग्रेड यूरिया डायवर्जन पर प्रशासन सख़्त

 


यमुनानगर, 02 अप्रैल (हि.स.)। यमुनानगर में सब्सिडी वाले कृषि ग्रेड यूरिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त प्रीति और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक लेकर यूरिया के अवैध उपयोग और डायवर्जन को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कृषि उपयोग के लिए निर्धारित यूरिया को औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर प्लाईवुड जैसे उद्योगों में इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

इस पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें एसडीएम, कृषि विभाग, आबकारी एवं कराधान (जीएसटी) और एमएसएमई विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि यह समिति नियमित रूप से निरीक्षण करेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेगी। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर औचक छापेमारी भी की जाएगी, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत सरकार को ऐसे मामलों में कार्रवाई का अधिकार है। इसी के तहत राज्य और जिला स्तर पर विशेष दल गठित कर निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल नीम-कोटेड यूरिया का ही वाणिज्यिक उपयोग अनुमन्य है, जबकि किसानों के लिए निर्धारित सब्सिडी वाले यूरिया का किसी भी औद्योगिक उद्देश्य के लिए उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि इन कदमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सब्सिडी का लाभ वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और कृषि क्षेत्र के लिए उपलब्ध संसाधनों का दुरुपयोग न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार