हिसार में डीसी कार्यालय में ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए वर्दी अनिवार्य, बिना नेम प्लेट ड्यूटी पर मिले तो होगी कार्रवाई

 


लागू हुआ आदेश, पहले दिन बिना वर्दी पहुंचे कर्मचारियों

को दी गई हिदायत

कुछ ने कहा- अब तक नहीं पड़ी थी वर्दी सिलवाने

की जरूरत

हिसार, 16 सितंबर (हि.स.)। सरकारी कार्यालयों

में अनुशासन और कार्यशैली में सुधार के लिए जिला प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है।

उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान निर्धारित

वर्दी और नेम प्लेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश को बुधवार से लागू कर दिया

गया है।

आदेश लागू होने के पहले दिन कई कर्मचारी बिना

वर्दी के कार्यालय पहुंचे। उन्हें फिलहाल हिदायत देकर छोड़ दिया गया। कुछ कर्मचारियों

ने वर्दी सिलवाने की बात कही। उनका कहना था कि अब तक उन्हें वर्दी सिलवाने की जरूरत

नहीं पड़ी थी। उपायुक्त कार्यालय की स्थापना शाखा की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र

जारी किया गया है। पत्र में उपायुक्त द्वारा दिए गए मौखिक निर्देशों का धरातल पर सख्ती

से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना वर्दी या नेम प्लेट मिले तो अनुशासनात्मक

कार्रवाई

प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि 16 सितंबर

या इसके बाद कोई भी ग्रुप-डी कर्मचारी बिना वर्दी अथवा नेम प्लेट के कार्यालय में ड्यूटी

करता पाया गया तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ बिना किसी

ढिलाई के नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आम लोगों को आसानी से होगी कर्मचारियों की पहचान

प्रशासन के इस फैसले का एक उद्देश्य कार्यालय

में आने वाले आम लोगों के लिए कर्मचारियों की पहचान आसान करना भी है। कई बार लोगों

को यह पता नहीं चल पाता कि कार्यालय में कौन कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति। वर्दी

और नेम प्लेट होने से कर्मचारियों की पहचान तत्काल हो सकेगी। इसके साथ ही प्रशासन का

मानना है कि वर्दी अनिवार्य होने से कार्यालय परिसर में अनधिकृत रूप से घूमने वाले

लोगों और बिचौलियों पर भी नजर रखने में मदद मिलेगी। वर्दी लागू होने से कर्मचारियों

में अनुशासन की भावना बढ़ाने और कार्यालय की कार्यशैली को अधिक व्यवस्थित बनाने का

प्रयास किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर