हिसार : राखी गढ़ी में मिले कंकाल, डीएनए रिपाेर्ट से खुलेगा राज
बड़ी संख्या में बर्तन मिलने से और कंकाल मिलने
की आशंका
हिसार, 02 मई (हि.स.)। आईकॉनिक साइट राखीगढ़ी
में चल रही खुदाई से हजारों साल पुरानी परतें हटाकर हड़प्पा कालीन सभ्यता को दुनिया
के सामने उसका सच रखने का अथक प्रयास किया जा रहा हैं। खुदाई में टीला नंबर सात काफी
अहम जाता हैं। एक बार फिर खुदाई में दो कंकाल निकल चुके हैं। संस्कार के समय रखे जाने
बर्तन भी मिले हैं।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि बर्तनों के नीचे
बड़ी संख्या में कंकाल मिल सकते हैं। जितने भी कंकाल सही अवस्था में मिलेंगे उनका डीएनए
सैंपल लेकर लैब में भेजा जाएगा ताकि हड़प्पा कालीन सभ्यता के बारे में दुनिया के सामने
ओर तथ्य रखे जा सके कि यहां के लोग कैसे होते थे और वो यहां पर कब आकर बसे थे।
राखी गढ़ी में टीले नंबर सात पर हो रही खुदाई
में लगातार चौंकाने वाले अवशेष मिल रहे हैं। सबसे पहले दो कंकाल मिले। उनके सिर की
तरफ खाने का सामान रखने के लिए छोटे और बड़े बर्तन भी मिले हैं। पहली बार बर्तनों के
साथ डीस ऑन स्टेंड भी मिला है, जिस पर वो लोग खाना रखकर खाते थे। इससे ये अनुमान लगाया
जा रहा कि ये कंकाल किसी बड़े घराने के आदमी हो सकता हैं, जिनके घर में खाना खाने के
लिए डीस ऑन स्टेंड का प्रयोग होता होगा। अभी तक जितने भी कंकाल मिले हैं। उनके साथ
में सिर्फ मिट्टी के बर्तन ही रखे मिलें हैं। कंकाल के साथ में अब तक कच्ची ईंटें रखी
होने के अवशेष मिले हैं। पहली बार ही पक्की ईंटें भी कंकाल के पास में मिली है। इसको
लेकर शोधकर्ता बड़ी बारीकी से खुदाई के कार्य में जुटे हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर