हिसार के साहित्यकार डॉ. विक्रमजीत की लिखी दो और पुस्तकों का विमोचन
वक्ताओं ने दोनों पुस्तकों को मानव जीवन के लिये उपयोगी बताया
हिसार, 25 अक्टूबर (हि.स.)। नगर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विक्रमजीत द्वारा
लिखित दो पुस्तकों क्रमश: नाम दान : अमृत पान (तैंतीसवीं) व निशानी : राहे रुहानी काव्य
(चौतीसवीं) का विधिवत विमोचन गुरुग्राम के सेक्टर 84 स्थित क्लब भवन में प्रमुख समाजसेवी
शशि कपूर ने किया। इससे पहले उपस्थित जनों ने मां सरस्वती का पूजन किया। इसके बाद दोनों
पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पुस्तक प्रेमियों ने कहा कि ये पुस्तकें मानव
जीवन के लिये बड़ी उपयोगी एवं आत्म अवलोकन करने के लिये आज के युग में एक पथ प्रदर्शक
के रुप में सिद्ध होगी। अत: सभी सुधी पाठकों से निवेदन है कि इन पुस्तकों का अध्ययन
अवश्य करें।
साहित्यकार डॉ. विक्रमजीत अब तक कुल 34 पुस्तकें लिख चुके हैं। डॉ. व्रिकमजीत
हिंदी के ख्याति प्राप्त विद्वान हैं। इनके बारे में अनेक वरिष्ठजनों ने कहा है कि
राजनीतिक व्यंग्य की पुस्तकें डॉ. विक्रमजीत द्वारा साहित्य जगत को विशिष्ट देन है।
अब अध्यात्म पर उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। वे हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा हास्य-व्यंग्य
सम्मान 2016-17 से नवाजे जा चुके हैं। इन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा
प्रदत्त सम्मान पत्र (दो लाख रुपये नकद) व आजीवन नि:शुल्क बस यात्रा पास भी दिया गया
है। पुस्तक के विमोचन अवसर पर अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर