हिसार : शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान : प्रो. बीआर कम्बोज

 




हकृवि में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में गूंजा देशभक्ति का स्वर, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने

बांधा समां

हिसार, 24 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय

में हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर देश के वीर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग

और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन करते हुए गुरुवार काे ‘एक शाम शहीदों के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्र कल्याण निदेशालय की ओर से

इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर

कम्बोज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने कहा कि देश की स्वतंत्रता,

अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए शहीदों द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र

की अमूल्य धरोहर है। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके आदर्शों को

अपने जीवन में आत्मसात कर देश और समाज के विकास में योगदान दें। उन्होंने विद्यार्थियों

का आह्वान किया कि वे शिक्षा प्राप्त करने के साथ राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों

के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। उन्होंने कहा कि ‘एक शाम शहीदों के नाम’ महज सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र

की श्रद्धा और सम्मान की अभिव्यक्ति है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व

न्योछावर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम

की भावना से सराबोर रहा। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, संगीतमय प्रस्तुतियों, नृत्य

और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस महान स्वतंत्रता सेनानी

एवं वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धा राव तुलाराम की पुण्यतिथि

पर मनाया जाता है। राव तुलाराम ने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अदम्य साहस

और देशभक्ति का परिचय दिया। उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति

की प्रेरणा का स्रोत है। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन खीचड़ ने स्वागत

किया और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान पर गर्व व्यक्त किया। डॉ. चन्द्र शेखर डागर ने धन्यवाद

प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंच संचालन शगुन और यशिका ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता,

निदेशक, अधिकारी, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित

रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर