हिसार : शेयर मार्केट में 300 गुणा प्रॉफिट का लालच देकर सेना के जवान से ठगे 15.88 लाख

 

साइबर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की

हिसार, 26 मई (हि.स.)। हिसार मिलिट्री कैंट में

तैनात महाराष्ट्र के रहने वाले भारतीय सेना के एक जवान से शेयर मार्केट में निवेश के

नाम पर 15 लाख 88 हजार 200 की बड़ी साइबर ठगी का मामला पुलिस तक पहुंचा है। मूल रूप

से महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले जवान को जालसाजों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में

जोड़कर नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया और 300 प्रतिशत रिटर्न वाले आईपीओ का

लालच देकर बैंकों से लोन तक मंगवा लिया। साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित जवान की शिकायत

पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

हिसार कैंट के अब्दुल हमीद विहार में रह रहे

पीड़ित जवान डलवी सुमित मारुती ने पुलिस को बताया कि वे पिछले चार-पांच वर्ष से म्यूचुअल

फंड में निवेश कर रहे हैं। इसी दौरान उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप में

जोड़ दिया गया। ग्रुप में लोग रोज स्क्रीनशॉट भेजकर 30 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक मासिक

मुनाफे का दावा कर रहे थे। बाकी लोगों का प्रॉफिट देखकर सुमित ने भी ठगों के बताए एक

ट्रेडिंग एप्लीकेशन को मोबाइल में इंस्टॉल कर लिया और शुरुआत में 50 हजार रुपये निवेश

किए। इसके बाद ठगों ने अच्छे परफॉर्मेंस का झांसा देकर उन्हें एक दूसरे ग्रुप ‘28-

स्पेशल ट्रेनिंग टीम ए’ में शिफ्ट कर दिया।

इस ग्रुप का एडमिन पीयूष शर्मा और उसकी असिस्टेंट जीनल

पटेल थी, जो सुमित से व्हाट्सएप चैट के जरिए निवेश की डील्स तय करते थे। जालसाजों ने सुमित को फाइनेंशियल फ्रीडम का सपना

दिखाया। इसी बीच ग्रुप में एक ऐसे आईपीओ के बारे में बताया गया जो 300 प्रतिशत का रिटर्न

देने वाला था। सुमित ने जब इस पर अप्लाई किया, तो ठगों ने गेम खेलते हुए उन्हें ‘ओवर

अलॉटमेंट’ (जितना अप्लाई किया,

उससे कई गुना ज्यादा अलॉटमेंट) दिखा दिया।

जब सुमित ने अलॉटमेंट मिलने के बाद प्रॉफिट

निकालना चाहा, तो ठगों ने शर्त रख दी कि ‘जब तक आप अलॉटमेंट की पूरी भारी-भरकम राशि

जमा नहीं करते, तब तक एक रुपया भी विड्रॉ नहीं होगा।’ झांसे में आकर जवान

ने बैंकों से और ज्यादा लोन उठाया और पैसे ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित जवान ने एसबीआई

के अपने दो खातों से ठगों द्वारा दिए गए यश बैंक, कैनरा बैंक, एसबीआई और सेंट्रल बैंक

के विभिन्न फर्जी खातों में 15 से 26 मार्च के बीच 50 हजार से लेकर 4 लाख 70 हजार रुपये

तक की रकम ट्रांसफर की। जब 4 दिनों तक पैसा विड्रॉ नहीं हुआ और आरोपियों के सभी मोबाइल

नंबर स्विच ऑफ आने लगे, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

मामले की जांच कर रहे एएसआई नरेंद्र कुमार ने

बताया कि परिवादी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अपराध की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज

कर स्पेशल रिपोर्ट मेल के जरिए उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जल्द ही इसकी कॉपी

इलाका मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी और बैंक खातों व मोबाइल नंबर्स को ट्रैक कर आरोपियों

तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर