हिसार : एचएयू का फ्रूट फ्लाई ट्रैप बना किसानों के लिए वरदान, फल मक्खी से बचेंगी फल-सब्जी की फसलें

 




70 प्रतिशत तक नुकसान करने वाली फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण का दावा, प्रति

एकड़ 12-14 ट्रैप लगाने की सलाह

हिसार, 20 जुलाई (हि.स.)। यहां के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित

फ्रूट फ्लाई ट्रैप फलदार फसलों और सब्जियों में भारी नुकसान पहुंचाने वाली फल मक्खी

(फ्रूट फ्लाई) के नियंत्रण में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। वर्षा ऋतु में फल मक्खी

का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है, जिससे अमरूद, किन्नू, नाशपाती, आड़ू, आलूबुखारा और

आम जैसी फलदार फसलों में 70 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है, वहीं घीया, तोरी, खीरा,

करेला, तरबूज, खरबूजा और कद्दू वर्गीय सब्जियां भी इसकी चपेट में आ जाती हैं।

एचएयू के कीट विज्ञान विभाग द्वारा विकसित फ्रूट फ्लाई ट्रैप इस कीट के एकीकृत

प्रबंधन का प्रभावी और वैज्ञानिक समाधान है। मादा फल मक्खी फलों की ऊपरी सतह के नीचे

अंडे देती है, जिनसे निकलने वाले सफेद रंग के लार्वा फल के अंदर रहकर उसे सड़ा देते

हैं। चूंकि कीट फल के भीतर रहता है, इसलिए सामान्य कीटनाशकों का प्रभाव सीमित रहता

है। ऐसे में ट्रैप जैसी तकनीक अपनाकर इसके प्रजनन चक्र को रोकना अधिक कारगर साबित होता

है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर

गर्ग ने किसानों को सलाह दी कि संक्रमित फलों को प्रतिदिन अथवा एक दिन छोड़कर एकत्रित

कर कम से कम दो फीट गहरे गड्ढे में दबा दें। साथ ही गर्मियों में खेत की गहरी जुताई

करने से कीट की प्यूपा अवस्था नष्ट हो जाती है, जिससे अगले मौसम में इसका प्रकोप काफी

कम रहता है। उन्होंने बताया कि फल बनने की अवस्था से पहले खेत में ट्रैप लगाने चाहिए

और इन्हें पेड़ की ऐसी शाखा पर टांगना चाहिए जहां सीधी धूप कम पड़ती हो। इससे नर फल

मक्खियां ट्रैप में फंस जाती हैं और उनकी संख्या घटने से प्रजनन पर प्रभाव पड़ता है।

कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुनीता यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय

द्वारा विकसित फ्रूट फ्लाई ट्रैप की कीमत 130 रुपये प्रति ट्रैप निर्धारित की गई है।

किसानों को प्रति एकड़ 12 से 14 ट्रैप लगाने की सिफारिश की गई है। ट्रैप में लगा आकर्षक

पदार्थ (सैप्टा) लगभग 30 दिन तक प्रभावी रहता है, इसलिए 30 से 35 दिन बाद इसे दोबारा

चार्ज करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसान यह ट्रैप कीट विज्ञान विभाग, चौधरी

चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी

के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-3001, 01662-255289 तथा 9729300525 पर संपर्क

कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर