आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगे नूंह के 150 युवा स्वयंसेवक

 


नूंह, 21 अक्टूबर (हि.स.)। आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नूंह में 150 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। बुधवार को उपायुक्त अखिल पिलानी ने मंगला राव कम्युनिटी सेंटर, तिरंगा पार्क के निकट आयोजित सात दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। युवा आपदा मित्र योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के पांच महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े 150 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि आपदा के समय शुरुआती सहायता और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र योजना का उद्देश्य युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सुरक्षा की भावना विकसित करना भी है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्य तथा आपातकालीन चिकित्सा सहायता से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसके लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षा तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे युवा स्वयंसेवकों की टीम तैयार करना है, जो बाढ़, आग, दुर्घटना और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। साथ ही, ये स्वयंसेवक संकट के समय जिला प्रशासन और आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों को सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

यह कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के प्रायोजन तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नूंह के आयोजन में संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से जिले में सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया