हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में हो रहा ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
अलग-अलग जिलों व राज्यों
से 65 से ज्यादा प्रतिभागियों ने करवाया पंजीकरण
हिसार, 13 जनवरी (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की ओर से विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय
मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र के सहयोग से ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर जैसे कोहा और डीस्पेस
पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के लिए
हरियाणा के अलग-अलग जिलों और राज्यों से 65 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण
रजिस्ट्रेशन कराया है। आईसीएआर-आईएएसआरआई नई दिल्ली में आईटी प्रोफेशनल के तौर पर कार्यरत
मिस प्रीति भार्गव इस ट्रेनिंग की मुख्य प्रशिक्षक हैं।
कोहा एक फ्री, ओपन-सोर्स, वेब-बेस्ड इंटीग्रेटेड लाइब्रेरी सिस्टम (आईएलएस)
है, जो पुस्तकालय को एक ही सिस्टम का इस्तेमाल करके कैटलॉगिंग और सर्कुलेशन से लेकर
एक्विजिशन और रिपोर्टिंग तक अपने सभी कामों को मैनेज करने में मदद करता है। दुनिया
भर की लाइब्रेरी से मिले इनपुट से डेवलप किए गए इस सिस्टम का उपयोग सभी तरह की लाइब्रेरी
(पब्लिक, एकेडमिक, स्पेशल) करती हैं। यह ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग (ओपीएसी) और लाइब्रेरी
स्टैंडर्ड (एमएआरएज, जेड 39.50) के साथ कम्पैटिबिलिटी जैसे फीचर्स का एक पूरा सेट देता
है। इसके अलावा, कोहा लाइब्रेरी के कार्यों को सपोर्ट करने के लिए कई मॉड्यूल देता
है। इन मॉड्यूल में एक्विजिशन, कैटलॉगिंग, सकुर्लेशन, सीरियल्स, रिपोर्ट्स, पैट्रन,
एडमिनिस्ट्रेशन, टूल्स और आनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग (ओपीएसी) शामिल हैं।
दूसरा, डीस्पेस सभी तरह के डिजिटल कंटेंट, जिसमें टेक्स्ट, इमेज, मूविंग इमेज,
एमपीईजीएस और डेटा सेट शामिल हैं, को सुरक्षित रखता है और उन तक आसान और ओपन एक्सेस
देता है और डेवलपर्स की लगातार बढ़ती कम्युनिटी के साथ जो सॉफ्टवेयर को लगातार बढ़ाने
और बेहतर बनाने के लिए कमिटेड हैं, हर डीस्पेस इंस्टॉलेशन को अगले इंस्टॉलेशन से फायदा
होता है।
उद्घाटन समारोह लाइब्रेरी और इन्फॉर्मेशन साइंस विभाग के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
हॉल में सभी के स्वागत और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ शुरू हुआ। ट्रेनिंग के कोऑर्डिनेटर
डॉ. विनोद कुमार ने मंगलवार काे प्रोग्राम के बारे में बताया। इसके बाद यूजीसी-एमएमटीटीसी की निदेशिका
प्रो. सुनीता रानी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। डीस्पेस एक अभूतपूर्व डिजिटल रिपॉजिटरी सिस्टम
है जो डिजिटल शोध सामग्री को कैप्चर, स्टोर, इंडेक्स, संरक्षित और वितरित करता है।
यह रिपॉजिटरी सॉफ्टवेयर के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो सूचना को सार्वजनिक रूप से
उपलब्ध कराने और प्रबंधन में आसान बनाने का साधन प्रदान करता है। यह सॉफ्टवेयर डिजिटल
कार्यों तक स्थायी पहुंच को सक्षम बनाता है। को-कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेंद्र कुमार ने धन्यवाद
किया। इस मौके पर डॉ. एसएस जोशी, सोमदत्त और पूजा मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर