हिसार में शराब ठेकेदार नरेश हत्या मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों पर हत्या सहित अन्य मामलों के 15 से अधिक मुकदमे दर्ज
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। कैमरी रोड स्थित बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड में शराब
ठेकेदार नरेश की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील, अमित और अमित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लड़ाई-झगड़े, हत्या, लूट और डकैती जैसी संगीन वारदातों
से जुड़े 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धांत
जैन के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थल और
आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने
के साथ अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को जुटाया। इसके आधार पर पुलिस ने लगातार दबिश देकर
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता के अनुसार गोली कांड के इस मामले में
घायल हुए धर्मबीर का उपचार चल रहा है। उसी के बयान पर हत्या व अन्य धाराओं के तहत केस
दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में वारदात के पीछे पुरानी रंजिश से जुड़ा विवाद
सामने आया है।
धर्मबीर ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि वर्ष 2022 में उसके साथी
संदीप उर्फ सेठी की हत्या हुई थी। इस मामले में नरेश और वह खुद चश्मदीद गवाह थे। धर्मबीर
का आरोप है कि उनकी गवाही से आरोपितों को खतरा था और इसी रंजिश के चलते रविवार रात
दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। हमले में नरेश की मौत हो गई, जबकि धर्मबीर भी तीन
गोलियां लगने से घायल है। पुलिस अब 2022 के हत्या मामले से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल
रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि नरेश और धर्मबीर की गवाही से किन लोगों को खतरा
था।
15 से 16 राउंड फायरिंग, नकाबपोश बदमाशों ने बनाया था निशाना
मामले के अनुसार रविवार रात क्रिकेट ग्राउंड में बाइक पर आए तीन नकाबपोश बदमाशों
ने नरेश और धर्मबीर पर गोलियां बरसाई थीं। नरेश के माथे, सीने और हाथ में गोली लगी
थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। धर्मबीर जान बचाने के लिए भागा, लेकिन बदमाशों
ने उसे भी निशाना बनाया और तीन गोलियां लगने से वह घायल होकर गिर गया। पुलिस के अनुसार
मौके से 15 से 16 राउंड फायरिंग के साक्ष्य और जिंदा रौंद बरामद हुए थे।
क्रिकेट मैच के बाद हुआ था हमला
वारदात से करीब 20 से 25 मिनट पहले इसी ग्राउंड पर क्रिकेट मैच हुआ था। मैच
के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में आजाद नगर थाना प्रभारी मनदीप कुमार ने भी हिस्सा
लिया था। नरेश ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई थी। इसके कुछ ही देर बाद बदमाशों ने ग्राउंड
में फायरिंग कर दी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि यह पुलिस टीम का मैच नहीं था,
बल्कि वह व्यक्तिगत रूप से मैच खेलने पहुंचे थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर