हिसार में पहली बार सजेगा साहित्य, संवाद और संस्कृति का विराट उत्सव
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में ‘अक्षरम्-2026’
में 100 से अधिक विधाओं में होंगे कार्यक्रम
देशभर के साहित्यकार, कलाकार और सिनेमा जगत की
हस्तियां लेंगी भाग
हिसार, 28 मार्च (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान
एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पहली बार साहित्य, संवाद और संस्कृति का इतना व्यापक
और बहुआयामी महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय
स्तर के साहित्यिक-सांस्कृतिक महोत्सव ‘अक्षरम्-2026’ के लिए विश्वविद्यालय परिसर में
इस बहुप्रतीक्षित आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 3 से 5 अप्रैल तक होने वाला
यह तीन दिवसीय महोत्सव विश्वविद्यालय परिसर को साहित्य, कला, विचार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति
के जीवंत मंच में परिवर्तित कर देगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरसी राम बिश्नोई
ने शनिवार काे बताया कि ‘अक्षरम्-2026’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति
और विचारों का ऐसा महोत्सव होगा जो विश्वविद्यालय परिसर को तीन दिनों तक रचनात्मक ऊर्जा,
संवाद और सांस्कृतिक उल्लास के अनूठे वातावरण से भर देगा। विद्यार्थियों, साहित्यकारों
और सांस्कृतिक जगत में इस आयोजन को लेकर व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है।
‘अक्षरम्-2026’ के अंतर्गत साहित्य, संवाद और संस्कृति से
जुड़ी 100 से अधिक विधाओं में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस महोत्सव में देशभर
से प्रख्यात साहित्यकार, कलाकार, चिंतक, शिक्षाविद्, युवा रचनाकार तथा सिनेमा जगत की
चर्चित हस्तियां भाग लेंगी और विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों तथा साहित्यप्रेमियों
से संवाद करेंगी। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में रचनात्मकता, वैचारिक संवेदनशीलता और
सांस्कृतिक चेतना का विस्तार करना है। इस आयोजन के संचालन में विश्वविद्यालय के अनेक
विभाग और संस्थान सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। प्रमुख आयोजकों में गुरु जम्भेश्वर जी
महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान, छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय, सांस्कृतिक गतिविधि
प्रकोष्ठ, हिंदी विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, मनोविज्ञान
विभाग तथा विश्वविद्यालय पुस्तकालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इस राष्ट्रीय महोत्सव
को कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग प्राप्त होगा। इनमें जिल्द-नवाचार, साहित्य और
खोज की यात्रा (नई दिल्ली), संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार,
हरियाणा हेरिटेज एवं पर्यटन विभाग, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा दादा लखमीचंद
राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा), रोहतक की समन्वयक सहभागिता रहेगी।
महोत्सव के दौरान साहित्य और संस्कृति से जुड़ी
अनेक विधाओं पर आधारित कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। इनमें
प्रख्यात लेखकों, विचारकों और सिनेमा जगत की हस्तियों के साथ संवाद, पुस्तक विमोचन,
पुस्तक परिचर्चा, लेखक-पाठक संवाद तथा स्थानीय कलाकारों, कवियों और साहित्यकारों से
बातचीत जैसे कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। दिन के समय विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न
मंचों पर समसामयिक विषयों पर विमर्श, सोशल मीडिया और नई अभिव्यक्ति के माध्यमों पर
चर्चा, ओपन माइक और खुला मंच जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से युवाओं
को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
सायंकालीन सत्रों में परिसर में सांस्कृतिक संध्या
का आयोजन होगा। इस दौरान हरियाणवी लोकनृत्य, कवि सम्मेलन, हास्य व्यंग्य प्रस्तुतियां,
कॉलेज बैंड की संगीतमय प्रस्तुतियां, भजन संध्या तथा लोक संस्कृति से सुसज्जित हाट
बाजार महोत्सव की विशेष आकर्षण बनेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर