हिसार : किसान की सोच ही तय करती प्रदेश की नीति, कृषि बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी : नायब सैनी
मुख्यमंत्री ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ और प्रगतिशील
किसानों से किया संवाद
हिसार, 15 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरकार किसानों
की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रभावी नीतियां तैयार कर रही है और कृषि
क्षेत्र को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था
को जीवंत बनाए रखने में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर बजट-पूर्व परामर्श बैठक में संबोधन दे रहे थे। हरियाणा
के समग्र कृषि विकास, किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को और अधिक
सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
ने की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि विशेषज्ञों, प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक
संगठनों (एफपीओ), पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े
हितधारकों से आगामी बजट 2026-27 के लिए सुझाव लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि असली भारत
गांवों में बसता है और हरियाणा की पहचान दूध-दही, मेहनतकश किसानों और मजबूत ग्रामीण
अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है, इसलिए हरियाणा के आगामी बजट में कृषि और सबंध क्षेत्रों
के लिए विशेष ध्यान रखा जायेगा।
पिछले बजट में किसानों के 99 सुझाव शामिल किए
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बैठक उनके लिए भावनात्मक रूप से भी
विशेष है, क्योंकि वे स्वयं किसान के बेटे हैं और खेती-बाड़ी की कठिनाइयों को नजदीक
से समझते हैं। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान केवल अन्न उत्पादन तक सीमित नहीं है,
बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का संवाहक भी है। मुख्यमंत्री ने पिछली बजट-पूर्व
परामर्श बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष 9 जनवरी को आयोजित बैठक में किसानों
और विशेषज्ञों द्वारा 161 बहुमूल्य सुझाव दिए गए थे, जिनमें से 99 महत्वपूर्ण सुझावों
को बजट 2025-26 में शामिल किया गया। इन सुझावों के आधार पर सरकार ने कृषि क्षेत्र में
कई ऐतिहासिक और व्यावहारिक निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में कृषि एवं संबद्ध विभागों के लिए
9296 करोड़ 68 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति
और नीयत की सफलता तभी मानी जाएगी, जब योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री
ने कहा कि इस वर्ष प्राप्त सुझाव और भी अधिक व्यवहारिक, गुणवत्तापूर्ण और दूरदर्शी
हैं। उन्होंने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनने और उन्हें बजट प्रावधानों में सम्मिलित
करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री
रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिंदल, विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री अनूप धानक,
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज
अग्रवाल, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण
कौशिक सहित अन्य विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर