हिसार : कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोजगार सृजनकर्ता या रोजगार विनाशक, विषय पर छात्राओं ने रखे तर्क
राजकीय महिला महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता, नियति एवं ऋद्धि की टीम
रही प्रथम
हिसार, 29 सितंबर (हि.स.)। राजकीय महिला महाविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता
: रोजगार सृजनकर्ता या रोजगार विनाशक विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया
गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के
रोजगार, अर्थव्यवस्था और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
पक्ष में बोलने वाली छात्राओं ने तर्क दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता नई रोजगार
संभावनाओं का सृजन कर रही है और कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा
तथा उद्योग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध करा रही है। वहीं विपक्ष की प्रतिभागियों
ने कहा कि एआई के बढ़ते प्रयोग से पारंपरिक रोजगार प्रभावित हो सकते हैं। बदलते तकनीकी
परिवेश में युवाओं के लिए नए कौशल सीखना और समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना आवश्यक
होगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य सतीश कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्तमान
समय की महत्वपूर्ण तकनीक है, जिसके लाभ और चुनौतियों दोनों को समझना जरूरी है। उन्होंने
छात्राओं को नवाचार, तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों
का सामना करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमती मंजू लता तथा सहायक
प्रोफेसर श्री हेमंत कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने
उत्कृष्ट वक्तृत्व कला, तार्किक क्षमता और विषय की गहन समझ का परिचय दिया। निर्णायक
समिति में डॉ. राकेश कुमार, डॉ. पूनम सोनी एवं डॉ. करुणा शामिल रहे। प्रतियोगिता में
नियति एवं ऋद्धि की टीम ने प्रथम, चिंकी एवं श्री की टीम ने द्वितीय तथा मुस्कान एवं
बबली की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर