जींद : गर्म हवा के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त
जींद, 22 मई (हि.स.)। जिला में 41 डिग्री पहुंचे तापमान तथा 16 किलोमीटर की रफ्तार से गर्म हवा के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले चार दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। तापमान 44 डिग्री तक जा पहुंचा है। जिसका जनजीवन पर साफ असर देखने को मिला। गर्मी से काम धंधे प्रभावित हो रहे हैं, दिन चढऩे के साथ मौसम गर्माने लगता है, दोपहर तक हालात यहां तक हो जाते हैं कि सड़के तथा गलियां सुनसान नजर आने लगती हैं। बाजार में ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं। भीष्ण गर्मी के चलते पंखे तथा कूलर लोगों का सहारा बने हुए हैं। दोपहर को हालात यह रह रहे हैं कि गलियों व सड़कों पर वीरानगी छा गई है वहीं बाजार भी सुनसान नजर आ रहे हैं।
शुक्रवार को राहत यह रही कि अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट रही। अधिकतम तापमान 41 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि मौसम में आद्रता 19 प्रतिशत तथा हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नही हैं। गर्मी में बाहर निकलने से परेहज करें। वहीं गर्मी का असर पशुओं पर भी दिख रहा है और दूध कम हो रहा है। वहीं बिजली के अघोषित कट भी आमजन को परेशान कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि तापमान ज्यादा जा रहा है, ऐसे हालात में कोई भी गर्मी की चपेट आ सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि तेज धूप में निकलने से परेहज करें।
भीषण गर्मी से पशुओं को बचाएं : डा. आर्य
गर्मी अपने उफान पर है और दैनिक तापमान 44 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में जहां अपना ख्याल रखना अति आवश्यक है उतना ही पशुओं का भी ख्याल रखना आवश्यक है। गर्मी में दुधारू पशुओं का दूध कम होने लगा है। उपमंडल अधिकारी पशुपालन एवं डेयरी विभाग सफीदों डा. सुरेंद्र आर्य के अनुसार पशुओं की देखभाल यूं तो हर मौसम में ही बहुत विशेष होती है लेकिन गर्मी में दूध के उत्पादन पर बहुत अधिक असर पड़ता है। ऐसे में पशुपालकों को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि पशुओं को गर्मी से बचाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा