हिसार : मात्र एक रुपया लेकर पूरी करवाई भात की रस्म, गांव में हो रही सराहना
बिठमड़ा गांव के पूर्व सरपंच बिंदर धत्तरवाल
ने पेश की मिसाल
हिसार, 23 मार्च (हि.स.)। जिले के उकलाना खंड
के गांव बिठमड़ा में एक परिवार ने मिसाल पेश करते हुए शादी व भात में बढ़ते दिखावे
पर लोग लगाकर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। इस परिवार ने शादी में बढ़ती दिखावे की
प्रवृत्ति व भात में दी जाने वाली भारी-भरकम रकम की परंपरा पर रोक लगाने की दिशा में
भात में केवल एक रुपया लिय है। क्षेत्र में इस परिवार की चहुंओर प्रशंसा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिठमड़ा गांव के पूर्व
सरपंच बिंदर धतरवाल ने अपनी बेटी के विवाह में भात के रूप में दी गई एक लाख 51 हजार
रुपए की राशि लौटा कर केवल एक रुपए से भात की रस्म पूरी करवाई और समाज को सादगी व जागरूकता
का संदेश दिया। बताया जा रहा है कि विवाह के दौरान भात की रस्म निभाने के लिए गांव
कालवन से पहुंचे भातियों ने परंपरा के अनुसार थाली में एक लाख 51 हजार रुपए की नगद
राशि रखी। पूर्व सरपंच बिंदर धतरवाल ने इस राशि को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने सभी के सामने वह पूरी रकम वापस लौटा दी और कहा कि वे केवल एक रुपए से ही भात
भरवाएंगे।
इस दौरान भातियों ने काफी आग्रह किया कि इतनी
बड़ी राशि को स्वीकार कर लिया जाए, लेकिन बिंदर धतरवाल अपने फैसले पर अडिग रहे। काफी
देर बाद उनकी बात मानते हुए केवल एक रुपए से ही भात की रस्म पूरी की गई। इस अनोखी पहल
को देखकर समारोह में मौजूद लोगों ने प्रशंसा की।
पूर्व सरपंच बिंदर धतरवाल ने साेमवार काे कहा कि समाज में
दहेज प्रथा और भात में लाखों रुपए देने की परंपरा एक सामाजिक बोझ बन चुकी है। लोग अपनी
मान-प्रतिष्ठा के चलते अपनी क्षमता से अधिक खर्च करते हैं, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता
है। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए किसी न किसी को पहल करनी ही होगी,
इसलिए उन्होंने अपनी बेटी की शादी से इसकी शुरुआत की है। उन्होंने समाज से अपील की
कि शादी समारोह को सादगीपूर्ण बनाया जाए और भात जैसी रस्मों में अनावश्यक खर्च से बचा
जाए। उन्होंने कहा कि ‘सम्मान भावनाओं से होता है, पैसों से नहीं’, इसलिए ऐसी परंपराओं
पर रोक जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर