जींद : तीन लाख रुपये का चेक वापस न करने पर ज्वैलर्स ने फांसी लगा दी जान
जींद, 08 सितंबर (हि.स.)। नरवाना स्थित हनुमान नगर में तीन लाख रुपये का चैक न लौटाने से खफा ज्वैलर्स ने फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। शहर थाना नरवाना पुलिस ने मंगलवार काे मृतक के बेटे की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हनुमान नगर निवासी बंसी लाल अपने मकान के नीचे ज्वैलर्स की दुकान चलाता था। जिसने अपने मकान में फांसी का फंदा लगा लिया। परिजनों द्वारा उसे नागरिक अस्पताल नरवाना ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर शहर थाना नरवाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालातों का जायजा लिया। मृतक के बेटे दिनेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता बंसी लाल की लोहा मंडी के निकट खल व बिनौले की दुकान चलाने वाले गांव डोहाना खेड़ा निवासी राजेश से पहचान थी। राजेश ने उसके पिता को गांव सुरबुरा निवासी अजमेर से दस लाख रुपये उधार दिलवाए थे। सात लाख के जेवरात बना कर उसके पिता ने अजमेर को दे दिए थे। लगभग सात-आठ माह पहले राजेश की मौत हो गई। जिसके बाद उसकी दुकान को राजेश के भाई दर्शन तथा महाबीर ने संभाल लिया।
दोनों आरोपितों ने उसके पिता बंसी लाल पर अजमेर के रुपये देने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। जिस पर उसके पिता ने आरोपितों को 12 लाख रुपये के चैक दे दिए। जिसके बाद उसके उसके पिता ने चार लाख रुपये आरोपितों को दे दिए। आरोपितो ने चार लाख के चैक भी वापस कर दिए। जिसके बाद आरोपितों की दुकान पर पंचायत भी हुई थी। उनका सात लाख 80 हजार रुपये में समझौता हो गया। 22 जून को उन्होंने तीन लाख दर्शन तथा महाबीर को नगद दिए। आरोपितों ने तीन लाख रुपये के जल्द वापस करने की बात कही। बकाया राशि चार लाख 80 हजार रुपये के लिए 30 सितंबर का समय तय किया गया। आरोपितों ने उसके पिता को तीन लाख रुपये के चैक वापस नही लौटाए। जिससे परेशान होकर उसके पिता बंसी लाल ने कमरे में आकर पंखे से फांसी का फंदा लगा कर जान दे दी। मंगलवार को जानकारी देते हुए शहर थाना नरवाना के जांच अधिकारी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने दिनेश की शिकायत पर दर्शन तथा महाबीर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा