हिसार : सम्मान में कम लोगों के पहुंचने पर वीडियो वायरल करने वाले खिलाड़ी ने पंचायत में मांगी माफी

 


बोला मेरी सोच छोटी थी गांव वाले बड़ा सोच रहे

थे

हिसार, 21 अप्रैल (हि.स.)। हांसी जिले के गांव खेड़ी

जालब में बॉडी बिल्डिंग में पदक जीतने पर खिलाड़ी ने वीडियो वायरल करके ग्रामीणों पर

आरोप लगाया कि उसका गांव में मान सम्मान नहीं किया गया। अब खिलाड़ी अपने बयान से पलटते

हुए गांव कि पंचायत में अपनी गलती का अहसास हुआ। बोला कि मेरी सोच छोटी थी और गांव

वालों ने मेरे बारे में कुछ बड़ा सोच रखा था। मेरी नादानी की वजह से ही मामला ज्यादा

बढ़ गया था जो कि पंचायत में अब यह विवाद सुलझ गया है।

इसी विवाद को गांव की चौपाल में मंगलवार काे शेरा सिंह की

अध्यक्षता में पंचायत आयोजित की गई। जिसमें गांव के सरपंच युद्धवीर सिंह, रामनिवास

खेड़ी, पूर्व सरपंच सुरेश शर्मा, परसा राम, करतारा, मान सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने

बताया कि गांव खेड़ी जालब के बॉडी बिल्डिंग खिलाड़ी राहुल एक प्रतियोगिता में गोल्ड

मेडल जीतकर गांव में पहुंचा था। आनन फानन में उसका स्वागत का कार्यक्रम किया गया। गेहूं

की फसल का काम होने के कारण गांव के कम लोग ही कार्यक्रम में पहुंच पाए थे।

इससे आहत

होकर राहुल ने एक भावुक वीडियो बनाकर वायरल कर दी। वीडियो वायरल के बाद सोशल मीडिया

पर उसकी काफी वीडियो बनाकर डाली गई। जिसके कारण गांव में विवाद के आसार पैदा हो गए

थे। गांव के मौजीज लोगों ने सूझ बूझ दिखाते हुए पूरे मामले को पंचायत में सुलझा दिया।

गांव की पंचायत में खिलाड़ी राहुल व उसके परिवार

के लोग भी पहुंचे। खिलाड़ी का पहले भी मेडल जीतने पर स्वागत किया गया था। ओर अब भी

काम के सीजन के बाद कुछ बड़ा आयोजन होना था। कुछ यूट्यूबरों ने इस मामले को

और भी ज्यादा तूल देने का काम किया। उनको भी भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई

है।

राहुल ने पंचायत में आकर सबके सामने गलती का

अहसास करते कहां की उससे गलती हुई हैं। वह प्रतियोगिता जीतकर आया था। गलती से नादानी में

वीडियो बनाई गई और वह ज्यादा वायरल हो गई। जिसके कारण गांव की बदनामी हुई। उसको गांव

की तरफ से हर समय पूरा साथ मिला है। सुख-दुख में हमेशा गांव के लोग साथ खड़े रहते हैं।

भविष्य में भी गांव के लोगों का साथ मिलता रहे इसके लिए मुझसे जो गलती हुई है। उसका

एहसास हो गया है। भविष्य में अब कभी गलती नहीं होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर