हिसार की अदालत ने गुजरात की कंपनी के अधिकारियों को सुनाई चार-चार साल की सजा
दवा में निर्धारित मात्रा से 25 प्रतिशत कम मिला
था साल्ट
हिसार, 09 अक्टूबर (हि.स.)। अतिरिक्त एवं सत्र
न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दवा की गुणवत्ता से जुड़े करीब 18 साल पुराने मामले
में गुजरात की दवा निर्माता कंपनी लिंकन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तीन अधिकारियों
को दोषी करार देते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है। दोषियों में मुकेश, महेश और निलेश
शामिल हैं। अदालत ने तीनों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना
अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत में चले मामले के अनुसार वर्ष 2008 में
तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर रमन ने संबंधित दवा का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला
भेजा था। जांच रिपोर्ट में दवा में एबीटोल साल्ट निर्धारित मात्रा से कम पाया गया था।
शिकायत के अनुसार, दवा में साल्ट की मात्रा निर्धारित स्तर से करीब 20 से 25 प्रतिशत
तक कम थी। एबीटोल का उपयोग भूख बढ़ाने वाली दवा के रूप में किया जाता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर
ने वर्ष 2008-09 में अदालत में शिकायत दायर की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक
सुनवाई चली। करीब 18 साल पुराने इस मामले में गुरुवार को अदालत ने कंपनी से जुड़े तीन
अधिकारियों को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को अदालत ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम
की धारा 27 (सी) और 27 (डी) के तहत चार-चार साल की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 40 हजार
रुपये का जुर्माना लगाया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर