जींद : फर्जी दस्तावेज तैयार करने के जुर्म में दो को पांच-पांच साल का कारावास
जींद, 10 जुलाई (हि.स.)। एडीजे जयबीर सिंह की अदालत ने उम्र से संबंधित दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर अदालत को गुमराह करने के जुर्म में दो दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। इसके इलावा पुलिस ने दोनों दोषियों को 45 -45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर थाना नरवाना इलाके के एक व्यक्ति ने बताया कि वर्ष 2015 में उसकी नाबालिग बेटी के साथ गांव राजगढ़ निवासी दीप तथा रामदिया ने दुष्कर्म किया तथा उसे जातिसूचक गालियां दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ दुरूकर्म करने, सहयोग करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफतार कर लिया था।
दीप के परिजन तथा शमशेर ने अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपित दीप के नाबालिग होने के दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत कर गुमराह करने की कोशिश की। आरोपित दीप के दस्तावेजों की जब जांच हुई तो वे फर्जी निकले और वह बालिग पाया गया। अदालत के आदेश पर सदर थाना नरवाना ने आरोपित शमशेर तथा राजकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने शमशेर तथा राजकुमार को फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत को गुमराह करने के जुर्म में शुक्रवार को पांच-पांच साल का कारावास तथा 45 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा