जीरामजी योजना का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों व किसानों को मुख्यधारा में लाना: सुभाष बराला

 


सांसद बोले, महात्मा गांधी की ठेकेदारी लेने का कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं, पूरे देश के है महात्मा गांधी

रोहतक, 09 जनवरी (हि.स.)। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना मोदी सरकार की एक क्रांतिकारी योजना है। पीएम मोदी का लक्ष्य है जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे हों तब तक हमारा देश विकसित राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आए। बराला ने कहा कि जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले मजदूर, किसानों को देश की मुख्यधारा में लाना है, ताकि सभी लोगों को भारत के विकसित राष्ट्र बनाने में पूरा योगदान हो।

शुक्रवार को बराला पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी योजना का नाम बदले तो सही है, अगर भाजपा नाम बदलती है तो गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ लोगों को भ्रम में डालती और गुमराह करती है। सुभाष बराला ने कहा कि जीरामजी योजना गरीब, मजदूर और किसान को मजबूत करने वाली योजना है।

भाजपा सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति के पास रोजगार उपलब्ध होना चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बराला ने कहा कि कांग्रेस ने पहले जवाहर रोजगार योजना फिर नरेगा और उसके बाद मनरेगा रखा। कांग्रेस के लोग केवल इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के नाम पर योजनाओं के नाम रख रही है। कांग्रेस सिर्फ महात्मा गांधी के नाम का उपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नाम से गांधी चुरा लिया है।इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, सतीश नांदल, रणवीर सिंह ढाका,शमशेर खरक, अजय बंसल, रेनू डाबला, सत्येंद्र परमार पंकज भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल