हिसार : महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की आवश्यकता : डाॅ. वंदना बिश्नोई

 


मुकलान में गुजवि की एनएसएस इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर संपन्नहिसार, 25 फरवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रथम महिला डॉ. वंदना बिश्नोई ने कहा है कि डिजिटल जागरूकता केवल तकनीकी दक्षता नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। जब युवा शक्ति सेवाभाव, अनुशासन और नवाचार के साथ ग्राम समाज से जुड़ती है, तब अभिनव भारत की परिकल्पना साकार होती है। डाॅ. वंदना बिश्नोई बुधवार को गुजविप्रौवि की राष्ट्रीय स्वयं सेवा योजना इकाई के सौजन्य से ग्राम मुकलान में आयोजित विशेष ग्रामीण शिविर के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रही थी। मुख्य वक्ता के रूप में कुलपति के सलाहकार प्रो. संदीप राणा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. सुजाता सिंह सांघी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुकलान के प्रधानाचार्य डॉ. नरेन्द्र सिंह दुहन तथा ग्राम सरपंच राजेश मंचासीन रहे। अध्यक्षता एसएसएस इकाई की संयोजक डाॅ. अंजू गुप्ता ने की।डाॅ. बिश्नोई ने विशेष रूप से महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। तकनीक का उपयोग यदि नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ किया जाए तो यह शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और शासन प्रशासन तक सहज पहुंच सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों की सक्रियता, रचनात्मकता और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का अग्रदूत बताया।प्रो. संदीप राणा ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा जनसंख्या है। युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में प्रयोग करके ही राष्ट्र को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि प्रो. सुजाता सिंह सांघी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में युवाओं को डिजिटल शिक्षा, समन्वय कौशल और सामाजिक नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युवा यदि तकनीकी दक्षता को मानवीय मूल्यों से जोड़े, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बन सकता है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. नरेन्द्र सिंह दुहन ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम समन्वयक डॉ अंजु गुप्ता ने स्वागत संबोधन देते हुए बताया कि आज का युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं बल्कि अवसर सृजित करने वाला बनना चाहिए। स्वयंसेवकों द्वारा ‘वेस्ट फॉर बेस्ट’ मॉडल प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्य अतिथि द्वारा विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. खुशबू सेठी ने धन्यवाद किया। कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. रामस्वरूप द्वारा शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। पारितोषिक वितरण समारोह कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनीता रानी की देखरेख में सम्पन्न हुआ। स्वयंसेविका भावना और प्रियांशु ने मंच संचालन किया। समापन सत्र में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास जांगड़ा, डॉ. विनीता, डॉ. सुमित शर्मा, डॉ. समृद्धि, डॉ. शिवानी यादव, दलबीर सिंह, नरेश सहित ग्राम एवं विद्यालय के समस्त शिक्षकगण तथा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर