हिसार: अब अधिकारियों को स्कूलों में जाकर देखना होगा बच्चों का लर्निंग लेवल
हेड क्लस्टर को नियमित निरीक्षण के साथ गूगल शीट
पर अपलोड करनी होगी सेल्फी
पानी की गुणवत्ता से लेकर पढ़ाई के स्तर तक होगी
निगरानी
रिटायर्ड शिक्षक और सक्षम नागरिक भी बच्चों को
पढ़ा सकेंगे
हिसार, 06 नवंबर (हि.स.)। सरकारी स्कूलों में
बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए अब केवल कागजी समीक्षा से काम नहीं चलेगा,
बल्कि अधिकारियों को स्कूलों में जाकर जमीनी हकीकत भी देखनी होगी। बच्चों को पढ़ना,
लिखना और गणित की बुनियादी समझ कितनी विकसित हुई है, इसका नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
जिले के येलो जोन में शामिल स्कूलों को ग्रीन जोन में लाने के लिए प्रशासन ने निगरानी
और शैक्षणिक गतिविधियों को तेज करने की तैयारी की है।
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने शुक्रवार को
फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (एफएलएन) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में अधिकारियों
को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी शिक्षा को सर्वोच्च
प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने हेड क्लस्टर को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और निरीक्षण
के दौरान सेल्फी लेकर गूगल शीट पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि स्कूलों में होने
वाली गतिविधियों की नियमित निगरानी हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हर बच्चे को उसकी
कक्षा के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणितीय गणनाओं की समझ होना जरूरी है। इसके लिए विद्यार्थियों
के सीखने के स्तर का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए। जिन बच्चों को इन बुनियादी दक्षताओं
में परेशानी आ रही है, उनकी पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध करवाया
जाए। शिक्षकों को पढ़ाई का तरीका सरल, रोचक और गतिविधि आधारित बनाने के निर्देश भी
दिए गए।
सेवानिवृत्त शिक्षक भी स्कूलों में दे सकेंगे
सेवाएं
बच्चों की शिक्षा में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने
के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कोई सेवानिवृत्त शिक्षक या अन्य सक्षम
नागरिक स्वैच्छिक रूप से स्कूल में बच्चों को पढ़ाना चाहता है तो उसे अनुमति दी जाएगी।
इससे स्कूलों में बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिल सकेगा।
स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बुनियादी
सुविधाओं की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने पीने के पानी की
नियमित जांच करवाने के निर्देश दिए। पानी में खामी मिलने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक
कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने और स्कूलों
की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर