हिसार में महिला की हत्या के मामले में पुलिस व परिजनों के बीच दिनभर चला विवाद
पहले पोस्टमार्टम से किया इनकार, फिर बोले नहीं
करेंगे अंतिम संस्कार
देर सायं एएसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन
देकर अंतिम संस्कार के लिए बनाया
विसरा जांच के लिए भेजा
हिसार, 17 मार्च (हि.स.)। सदर क्षेत्र में चार
दिन से लापता महिला की हत्या मामले में मंगलवार को दिनभर पुलिस व परिजनों के बीच विवाद
की स्थिति रही। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में परिजनों व सामाजिक संगठनों ने मांगे माने
बिना मृतका का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया वहीं बाद में पति को सरकारी नौकरी
व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। दिनभर डीएसपी सुनील कुमार व अन्य पुलिस
अधिकारी परिजनों को समझाते रहे, तब दोपहर को पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने
अंतिम संस्कार से मना कर दिया। देर सायं एएसपी मयंक मुदगिल भी मौके पर पहुंचे और परिजनों
से बातचीत करके उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर उन्होंने मृतका का अंतिम
संस्कार करने पर सहमति जताई।
सदर क्षेत्र में चार दिन से लापता महिला का गड्डे
में दबा शव निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भिजवाया था।
यहां पर मंगलवार को पोस्टमार्टम होना था लेकिन महिला के परिजन अड़ गए कि पहले सभी आरोपियों
की गिरफ्तारी की जाए और उसके पति को सरकारी नौकरी दी जाए। विवाद की सूचना मिलने पर
डीएसपी सुनील कुमार, अग्रोहा थाना प्रभारी व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने
परिजनों को समझाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई कर दी
जाएगी, पोस्टमार्टम के बिना कुछ भी कहना या करना संभव नहीं है। काफी देर बहसबाजी के
बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। उनकी सहमति के बाद तीन चिकित्सकों की टीम ने
महिला का पोस्टमार्टम किया। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के दौरान महिला के सिर,
छाती व पैरों पर चोट के निशान पाए गए हैं।
महिला के पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के
मसले पर परिजन फिर उखड़ गए। उन्होेंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और पति
को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी, वेे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके
बाद फिर बातचीत का दौर चला। सूचना मिलने पर एएसपी मयंक मुदगिल भी मौके पर पहुंचे और
उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब देर सायं परिजन अंतिम संस्कार को राजी
हुए। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि देर सायं परिजनों
से हुई बातचीत के बाद अंतिम संस्कार पर सहमति बन गई है। फिलहाल परिजनों से जो बातचीत
हुई है, उसके अनुसार बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विसरा रिपोर्ट
के बाद ही मौत के कारण व परिजनों के आरोप के अनुसार दुष्कर्म की पुष्टि हो पाएगी।
ज्ञात रहे कि सदर क्षेत्र की एक कॉलोनी में काम
करने वाली महिला चार दिन से लापता थी और सोमवार को उसका शव एक गड्ढ़े से बरामद हुआ
था। पुलिस ने इस मामले में सेना के एक अर्दली को गिरफ्तार करके उसे दो दिन के रिमांड
पर ले रखा है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट करवाएगी।
इस प्रक्रिया से मामले से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने महिला के हाथ बांधकर उसे अपने क्वार्टर के पीछे
पार्क के पास झाड़ियों में जमीन में दबा दिया था। महिला के शरीर पर चोट के निशान भी
पाए गए हैं। परिजनों ने मामले में दुष्कर्म की आशंका भी जताई है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम
रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
उधर, दो दिन के रिमांड पर चल रहे अर्दली बालेश्वर
कुजूर ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि मेड समय से पहले जाने की जिद कर रही थी। उसको
जाने से रोका था, ऐसे में उसका सिर पलंग से टकरा गया और सिर में चोट लगने से वह जमीन
पर गिर गई। फिर गुस्सा आने पर मेड के सीने पर कई बार मुक्के मारे। फिर मेड के शरीर
को जमीन में दफना दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान सामने आया कि मेड की तीन से चार पसलियां
टूटी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर