पलवल के गांव गहलब स्थित गौशाला का उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किया दौरा

 


पलवल, 03 मार्च (हि.स.)। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को गांव गहलब स्थित गौशाला का दौरा किया और वहां व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया। दौरे के दौरान उन्होंने गौशाला प्रबंधन से देशी नस्ल की गायों के संरक्षण, उनके स्वास्थ्य प्रबंधन तथा दूध उत्पादन बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। उपायुक्त ने गौशाला में गऊ माता की पूजा कर उन्हें गुड़ खिलाया। इस मौके पर उन्होंने गौशाला परिसर में स्थित त्रिवेणी मंदिर के भी दर्शन किए।

उपायुक्त ने देशी गाय के दूध की गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशी नस्ल की गायों का दूध स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि देशी और अन्य नस्ल की गाय के दूध का स्वाद लिया जाए तो अंतर स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महानगरों में एटू दूध की मांग तेजी से बढ़ रही है और यह ऊंचे दामों पर बिक रहा है। ऐसे में यदि उत्पादन और विपणन पर ध्यान दिया जाए तो गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

उन्होंने गौशाला प्रबंधन को निर्देश दिए कि पशुओं को नियमित रूप से उत्पादन चक्र में लाया जाए। इसके लिए नियमित हीट डिटेक्शन, स्वास्थ्य परीक्षण, डी-वार्मिंग (कृमिनाशन), टीकाकरण तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय देखभाल समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वास्तविक सेवा तभी है जब गाय नियमित रूप से उत्पादन में आए और उसका चक्र निरंतर चलता रहे।

उपायुक्त ने देशी नस्लों जैसे रेड सिंधी और साहिवाल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन नस्लों को उत्पादन में लाने का प्रयास करें और इसी आधार पर इनका वर्गीकरण किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कम से कम 100 पशुओं पर केंद्रित एक विस्तृत शोध तैयार किया जा सकता है, जिसमें उत्पादन क्षमता, स्वास्थ्य प्रबंधन और आर्थिक लाभ का विश्लेषण किया जाए।

उन्होंने आश्वासन दिया कि पशुओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी और इस संबंध में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उपायुक्त ने गौशाला प्रबंधन से समर्पण भाव से कार्य करते हुए देशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल के उप निदेशक डा. विरेंद्र राठी, उदयवीर, धर्मेंद्र, श्रवण कुमार सहित गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग