रिश्वत में पकड़े अफसर पड़ोसी जिलों से भी बाहर भेजे जाएंगे
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को जारी किए आदेश
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर (हि.स.)। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हरियाणा में अब पुराने स्टेशन पर लौटना आसान नहीं होगा। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के ट्रैप या छापेमारी में पकड़े गए ऐसे कर्मचारी, जिन्हें जमानत मिल चुकी है या भविष्य में मिलेगी, उन्हें उस पद और स्टेशन पर तैनात नहीं रखा जाएगा, जहां उनके खिलाफ मामला लंबित है।
सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्राधिकार से बाहर भेजने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पडऩे पर उनकी तैनाती पड़ोसी जिलों की सीमा से भी बाहर करनी होगी। मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए।
सरकार के संज्ञान में आया था कि भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जाने और जमानत मिलने के बाद भी कुछ अधिकारी-कर्मचारी उसी स्टेशन पर काम कर रहे हैं, जहां उनके खिलाफ जांच, अभियोजन या मुकदमे की कार्यवाही चल रही है। सरकार ने इसे शिकायतकर्ताओं और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से जुड़ा गंभीर मामला माना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने से आरोपी कर्मचारी को पुराने स्टेशन पर तैनाती जारी रखने का अधिकार नहीं मिल जाएगा। यही व्यवस्था उन आरोपियों पर भी लागू होगी, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और भविष्य में जमानत पर रिहा होते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग को उनकी तैनाती बदलनी होगी।
जिन कर्मचारियों का कैडर जिला स्तर का है और जिन्हें दूसरे जिले में नहीं भेजा जा सकता, उन्हें भी उसी जिले में किसी दूरस्थ स्टेशन पर तैनात करना होगा। सतर्कता विभाग ने ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों-निगमों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य प्रशासकों तथा विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भेजे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा