हिसार में सुकून केंद्र: छह वर्ष में 1800 से अधिक पीड़िताओं को मिली सहायता

 


पीड़ित महिलाओं

और बच्चों को सहायता दिलाकर केंद्र ने कायम की मिसाल

हिसार, 25 अप्रैल

(राजेश्वर बैनीवाल)। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों

को समय पर सहायता दिलाने में जिले के नागरिक अस्पताल में स्थित सुकून केंद्र एक मजबूत

सहारा बनकर उभरा है। बीते छह वर्षों में 1800 से अधिक पीड़ित महिलाओं और बच्चों को

सहायता दिलाकर केंद्र ने एक मिसाल कायम की है।

नेशनल हेल्थ मिशन

के तहत हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर और स्वास्थ्य विभाग हरियाणा सरकार द्वारा

स्थापित यह केंद्र सिविल अस्पताल के कमरा नंबर-24 में संचालित हो रहा है। यहां घरेलू

हिंसा, यौन उत्पीड़न, मारपीट, शोषण और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों से जूझ रही महिलाओं

और बच्चों को न सिर्फ मदद मिलती है, बल्कि उन्हें न्याय और विश्वास भी दिलाया जाता

है।

जिला सुकून काउंसलर

राहुल शर्मा ने शनिवार काे बताया कि केंद्र का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि पीड़ितों

में आत्मविश्वास जगाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाना है। उन्होंने

कहा कि सुकून केंद्र आज उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है, जो किसी भी प्रकार

की हिंसा या उत्पीड़न से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र में पीड़ितों को सुरक्षित

वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है। इसके साथ ही उनके अधिकारों की जानकारी,

आवश्यक चिकित्सकीय जांच, पुलिस में शिकायत की प्रक्रिया, मुफ्त कानूनी सलाह और अन्य

सरकारी सेवाओं से जोड़ने जैसी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। जरूरत

के अनुसार मामलों में फॉलोअप भी किया जाता है।

राहुल शर्मा ने

कहा कि महिलाओं को हिंसा के खिलाफ डरने के बजाय अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना

चाहिए। मानसिक तनाव की स्थिति में परामर्श लेना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी है। उन्होंने

अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जागरूक

करें तथा बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाएं।

केस स्टडी ने खोली

सच्चाई

सुकून केंद्र में

आने वाले मामलों से समाज की कई कड़वी सच्चाइयां भी सामने आई हैं। एक मामले में कम उम्र

में शादी के बाद रोजगार न होने के कारण दंपत्ति के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला

तलाक तक पहुंच गया। केंद्र में काउंसलिंग के जरिए उन्हें मार्गदर्शन दिया गया।

दूसरे मामले में

बरवाला की एक महिला को ससुराल में लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना

पड़ा। घायल अवस्था में अस्पताल पहुंची महिला को सुकून केंद्र ने मेडिकल और कानूनी सहायता

प्रदान कर सुरक्षा दिलवाई।

एक अन्य केस में

आगरा की एक युवती को ससुराल में ‘खरीदकर लाने’ जैसे आरोपों के साथ प्रताड़ित

किया गया। सुकून केंद्र ने न केवल उसकी काउंसलिंग की, बल्कि उसे कानूनी जानकारी देकर

पुलिस सहायता भी उपलब्ध करवाई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर