सोनीपत: वैश्विक महंगाई के बीच पेट्रोल डीजल पर कर कटौती राहत : माेहनलाल बड़ाैली
सोनीपत, 27 मार्च (हि.स.)। वैश्विक
स्तर पर बढ़ती महंगाई और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल
और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती कर आम जनता को राहत देने का निर्णय लिया
है। केन्द्र का यह कदम जनहित में लिया गया साहसिक फैसला है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने शुक्रवार काे कहा कि सरकार
ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि
डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर का शुल्क पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय
ऐसे समय में लिया गया है जब कच्चे तेल की कीमतें एक महीने में लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल
से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके कारण विश्व के कई देशों में ईंधन
की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया
में ईंधन कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत, उत्तर अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत, यूरोप में
20 प्रतिशत और अफ्रीका में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ऐसे वैश्विक दबाव के
बावजूद भारत ने कर कटौती का रास्ता अपनाकर नागरिकों को राहत देने का निर्णयम् लिया।
मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि इस कदम से परिवहन लागत घटेगी, जिससे खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर
सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही तेल कंपनियों पर पड़ने वाला वित्तम् संबंधी दबाव भी
कम होगा। सरकार ने डीजल पर 21 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर तथा विमान ईंधन (एटीएफ) पर
29 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाकर देश में ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित
करने का प्रबंध किया है। उन्हाेंने कहा कि सरकार ने अपने कर राजस्व में कमी स्वीकार कर नागरिक हित को सर्वोपरि
रखा है। यह निर्णय दर्शाता है कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी आर्थिक स्थिरता
बनाए रखने और जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना