डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान ने भारत की एकता को किया मज़बूत:नायब सिंह सैनी
-पठानकोट में आयोजित समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी
चंडीगढ़, 05 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया। उन्होंने जो आवाज़ उठाई और जो सपना देखा, उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर पूरा किया है। आज, भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी तक शान से लहरा रहा है।
नायब सिंह सैनी रविवार को पंजाब के पठानकोट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर पठानकोट के विधायक अश्विनी शर्मा, पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, पूर्व विधायक सीमा कुमारी और दूसरे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पठानकोट सिर्फ़ एक शहर नहीं बल्कि ‘भारत माता’ की उत्तरी सीमा है। यह बहादुर योद्धाओं, शहीदों, देशभक्तों और देश के महान सपूतों की धरती है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। यहां की मिट्टी में वीरता की खुशबू और हवा में देशभक्ति की भावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी जी एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् होने के साथ साथ एक प्रखर राजनेता भी थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ 33 साल की उम्र में ही वे कलकत्ता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर बन गए।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा दिया था,एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे। यह सिर्फ़ एक राजनेतिक नारा नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज़ थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत में पूरी तरह मिलाने के लिए संघर्ष किया और बिना परमिट के इस इलाके में आने का निर्णय लिया। उन्हें माधोपुर से जम्मू और कश्मीर में प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया गया। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी उनके साथ थे। बाद में हिरासत में रहते हुए डॉ. मुखर्जी का निधन हो गया। यह कोई साधारण मृत्यु नहीं थी बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए किया गया सर्वोच्च बलिदान था।
उन्होंने कहा कि जिस मिशन के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, वह 5 अगस्त, 2019 को पूरा हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। आज भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक शान और सम्मान के साथ लहराता है।
उन्होंने कहा कि जब वह पंजाब की ओर देखते हैं, तो उन्हें चिंता और दर्द महसूस होता है। आज पंजाब में समाज का हर वर्ग ठगा सा महसूस कर रहा है। युवाओं से नौकरी के वादे किए गए, लेकिन आज युवा नशे की गिरफ्त में हैं ।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से वित्तीय मदद के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब चार साल बीत जाने के बाद भी वायदें पूरे नहीं हुए हैं। हरियाणा में महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपए दिए जा रहे हैं।
नींव होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा