एसवीएसयू पलवल फाउंडेशन का बड़ा लक्ष्य, सीएसआर से जुटाएगा 10 करोड़; 400 छात्राओं को मिलेंगे टैबलेट
पलवल, 18 मार्च (हि.स.)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन ने अगले एक वर्ष में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से 10 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह राशि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, आधुनिक लैब की स्थापना और कौशल विकास परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी।
यह निर्णय कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित फाउंडेशन के निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना है। साथ ही स्किल इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई छोड़ चुकी छात्राओं की शिक्षा दोबारा शुरू कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें उनकी फीस और अन्य खर्च फाउंडेशन द्वारा वहन किए जाएंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पलवल जिले की 400 जरूरतमंद और मेधावी छात्राओं को पढ़ाई के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिस पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च होंगे। यह राशि दहुआ टेक्नोलॉजी द्वारा सीएसआर के तहत फाउंडेशन को दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से छात्राओं का चयन किया जाएगा।
फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि दहुआ टेक्नोलॉजी के साथ एसवीएसयू ने एक समझौता (एमओयू) भी किया है, जिसके तहत शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा। इसके अलावा अदानी समूह से प्राप्त 50 लाख रुपये सहित अन्य अनुदानों के उपयोग पर भी बैठक में चर्चा की गई।
बैठक में बोर्ड की सदस्य एवं कुलसचिव प्रो. ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. आरएस राठौड़, प्रो. प्रिया सोमैया, निदेशक पंकज धर सहित अन्य सदस्यों ने शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं संस्थापक कुलगुरु डॉ. राज नेहरू ने भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भाग लेकर इनोवेशन और प्रतिभा संवर्धन पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग