सोनीपत: गोल्डन ब्वाय सुमित ने भाला फेंककर रचा इतिहास,अपना ही रिकार्ड तोड़ा
-सुमित अंतिल ने 74.82 मीटर भाला
फेंककर अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया
केंद्रीय खेल मंत्री ने दी बधाई
सोनीपत, 28 मई (हि.स.)। सोनीपत
निवासी पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। आठवीं भारतीय
ओपन अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा
में 74.82 मीटर की शानदार फेंक के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने अपना ही
पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
सुमित
के 2017 से 2022 तक कोच रहे आर्मी के सुबेदार विरेंद्र धनखड़ पैरा ओलंपियल प्लेयर एशियन
गेम्स के रजत पदक विजेता रहे हैं उनका कहना है कि सुमित में अपने खेल के प्रति समर्पण
की भावना है वह हर पल नया करने की ललक रखता है। यह भारत के साथ-साथ विश्व के खिलाडियों
के लिए प्रेरक है।
सोनीपत
के 27 वर्षीय सुमित ने प्रतियोगिता के पांचवें प्रयास में यह रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले
उनका विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर था, जो उन्होंने वर्ष 2022 के एशियन पैरा खेलों में
बनाया था। यह सुमित के करियर का सातवां विश्व रिकॉर्ड है। प्रतियोगिता में उनकी फेंक
ने दर्शकों और खेल जगत को उत्साहित कर दिया।
केंद्रीय
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर सुमित को बधाई देते हुए इसे देश
के लिए गौरव का पल बताया। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि सुमित लगातार अपने प्रदर्शन
में सुधार कर रहे हैं और आने वाले समय में वह नए कीर्तिमान बना सकते हैं। सुमित
का सफर संघर्ष और मेहनत से भरा रहा है। बचपन में गंभीर चोट लगने के बाद भी उन्होंने
हार नहीं मानी। उन्होंने भाला फेंक को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास करते रहे।
उनकी मेहनत का परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है। टोक्यो
पैरालंपिक 2020 में सुमित ने 68.55 मीटर की विश्व रिकॉर्ड फेंक के साथ स्वर्ण पदक जीता
था।
इसके बाद भारतीय ओपन चैंपियनशिप में 68.62 मीटर की फेंक के साथ उन्होंने नया रिकॉर्ड
बनाया। पेरिस पैरालंपिक 2024 में उन्होंने 70.59 मीटर की रिकॉर्ड फेंक के साथ स्वर्ण
पदक अपने नाम किया और खिताब बचाने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा खिलाड़ी बने। सुमित
ने कहा कि वह अपनी तकनीक पर लगातार काम कर रहे हैं और अभी और बेहतर प्रदर्शन करने की
गुंजाइश है। उनकी सफलता देश के युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई
है। हरियाणा का यह खिलाड़ी आज पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक बना हुआ है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना