जींद : सरकारी स्कूलों में गूंजेगा देश के रक्षकों के नाम सलाम

 


जींद, 06 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के छात्र स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय सेना के वीर जवानों को अपने हाथों से पत्र लिख कर उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करेंगे। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में राज्यव्यापी पत्र लेखन प्रतियोगिता लेटर टू आवर सोल्जर: देश के रक्षकों के नाम सलाम के आयोजन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह विशेष अभियान भारत की स्वतंत्रता के 79वें वर्ष के उत्सव के उपलक्ष्य में गुरूवार से शुरू होकर 14 अगस्त तक संचालित किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छह अगस्त गुरूवार को प्रतियोगिता का राज्यव्यापी शुभारंभ कर दिया गया है। सात अगस्त को स्कूल स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन होगा और इसी दिन प्रत्येक स्कूल से चयनित नौ पत्रों को संबंधित क्लस्टर में जमा कराना। 10 से 11 अगस्त तक क्लस्टर स्तर पर स्क्रीनिंग कर चयनित प्रविष्टियों को ब्लॉक स्तर पर भेजना। 12 अगस्त को ब्लॉक स्तर पर जांच और शॉर्टलिस्ट किए गए पत्रों को जिला स्तर पर भेजना।

13 अगस्त को जिला स्तर पर स्क्रीनिंग और अंतिम विजेता पत्रों का चयन होगा। 14 अगस्त तक चयनित सर्वश्रेष्ठ पत्रों को भारतीय सशस्त्र बल मुख्यालय, इकाइयों को भेजना और इसकी रिपोर्ट राज्य निदेशालय को सौंपना होगा। 11 से 14 अगस्त तक स्कूलों में पत्र प्रदर्शन की तैयारी, सेवारत व सेवानिवृत्त सैनिकों को आमंत्रित करना और संवाद सत्रों की योजना बनाना है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूर्व या सेवारत सैनिकों के साथ छात्रों का संवाद व कहानी सत्र आयोजित करना तथा विजेताओं को प्रमाणपत्र देकर स मानित करना।

जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्राचार्यों, जिला परियोजना समन्वयकों, खंड शिक्षा अधिकारियों और एफएलएन समन्वयकों को इस प्रतियोगिता का सफल संचालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। लेखन का मुख्य विषय और शब्द सीमा शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतियोगिता शुरू करने से पहले छात्रों के साथ स्वतंत्रता दिवस के महत्व, सशस्त्र बलों के योगदान, साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा जैसे मूल्यों पर आयु-अनुकूल चर्चा करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा