हांसी में निशानदेही करने गई टीम का भारी विरोध, बैरंग लौटना पड़ा

 




अगली बार अधिक पुलिस

के साथ कार्रवाई करेगा प्रशासन

हांसी, 16 अप्रैल

(हि.स.)। क्षेत्र के गांव ढाणा कलां जमीन की निशानदेही करने पहुंची पुलिस और प्रशासन

की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लगभग 300 महिला-पुरुष ग्रामीणों

ने मौके पर पहुंचकर जमकर बहस की, जिसके बाद अधिकारियों को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना

पड़ा।

ड्यूटी मजिस्ट्रेट

एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार सत्यवान सिंह गुरुवार को पुलिस बल के साथ जमीन की निशानदेही

के लिए गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों के तीखे विरोध और तनावपूर्ण माहौल के कारण टीम को

अपना काम बीच में ही रोकना पड़ा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगली बार अधिक पुलिस

बल के साथ कार्रवाई की जाएगी।

जमीन मालिक शिवकुमार

सैनी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1990 में करीब 80 कनाल 17 मरला जमीन खरीदी थी। इसकी

रजिस्ट्री कोर्ट के आदेश के बाद हुई थी। यह जमीन पहले राजा की खुदकास्त भूमि थी, जिस

पर उनके परिवार ने वर्षों तक खेती की थी। बाद में पानी की आपूर्ति बंद होने से जमीन

गैर-मुमकिन हो गई।

शिवकुमार सैनी के

अनुसार, करीब 15 साल पहले ढाणा कलां के 20-25 लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण

कर लिया। उन्होंने इस पर कोर्ट में केस दायर किया, जिसके बाद कब्जाधारियों ने कब्जे

हटा लिए और केस वापस ले लिया था। हालांकि, कुछ समय बाद फिर से कुछ लोगों ने जमीन पर

मकान बनाने शुरू कर दिए।

शिवकुमार ने बताया

कि उन्होंने कई बार प्रशासन से निशानदेही करवाने की मांग की थी, लेकिन हर बार ग्रामीणों

के विरोध के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया,

जहां से निशानदेही के स्पष्ट आदेश जारी हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों

के बावजूद तहसीलदार द्वारा कार्रवाई में देरी की गई। इस पर उन्होंने दोबारा न्यायालय

में याचिका दायर की। हाल ही में कोर्ट में प्रशासन की ओर से एक माह का समय मांगते हुए

निशानदेही करवाने का आश्वासन दिया गया था।

करीब डेढ़ महीने

पहले बिना पुलिस बल के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन उस समय भी ग्रामीणों के विरोध

के कारण काम रुक गया। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर पुलिस बल उपलब्ध कराया गया और गुरुवार

की तारीख तय की गई थी, लेकिन इस बार भी विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी।

ढाणी पीर वाली निवासी

शिवकुमार ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी करीब 10 एकड़ 17 मरला जमीन की जल्द से जल्द

निशानदेही करवाई जाए, ताकि वह अपनी जमीन पर कब्जा लेकर उसकी देखभाल कर सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर