पानीपत में सफाई कर्मियों की हड़ताल बेअसर,निजी एजेंसियों ने संभाला मोर्चा

 


पानीपत, 10 मई (हि.स.)। एक तरफ जहां प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, वहीं पानीपत में सफाई कर्मचारीयों की हड़ताल का काेई असर नहीं है। यहां 480 कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है। लेकिन निजी एजेंसियों द्वारा शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से कराई जा रही है। नगर निगम मेयर कोमल सैनी ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर अभी भी 400 कर्मचारियों की मदद से पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शहर में सफाई को लेकर नगर निगम ने तीन एजेंसियो को हायर किया हुआ है। क्योंकि पानीपत औद्योगिक नगरी होने के कारण यहां से प्रतिदिन लगभग 350 टन कूड़ा निकलता है। जिनका 120 गाड़ियों, 40 ट्रैक्टर ट्राली व 60 रिक्शाओं की मदद से उठान किया जाता है।

मेयर कोमल सैनी ने बताया कि नगर निगम के अपने 480 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 120 कर्मचारी स्थाई है, बाकी 360 सफाई कर्मचारी अस्थाई है, जो अब सभी हड़ताल पर है। लेकिन नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए पानीपत को दो भागों में बांटा हुआ है जो जीटी रोड दिल्ली की तरफ वाला पुराना शहर, दूसरा जीटी रोड करनाल की तरफ वाला रेलवे स्टेशन की साइड वाला शहर । शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम ने तीन प्राइवेट एजेंसियों को सेवा में ले रखा है। जिनमें पीसीसीसी एजेंसी जिसका काम रेलवे स्टेशन वाली साइड की सड़क की सफाई करना है। दूसरी एजेंसी आईएनडी है जिसका काम पुराने शहर की सड़क की सफाई करना है। तीसरी एजेंसी जेबीएम है। जिसका काम हर घर से कूड़ा उठा कर कूड़ा निस्तारण केंद्र पर ले जाना है। कोमल सैनी ने बताया कि इन तीन एजेंसियो में करीब 400 कर्मचारियों की मदद से सफाई कर्मियों की हालत के बावजूद शहर को साफ सुथरा रखा जा रहा है। उन्होने बताया कि जीटी रोड, रेलवे रोड, असंध रोड, सनौली रोड, गोहाना रोड की सफाई चार मशीनों द्वारा की जाती है। इसलिए हड़ताल के बावजूद पानीपत में सफाई व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा