केमिस्टों की हड़ताल का सोनीपत जिले में मिला-जुला असर

 


सोनीपत, 20 मई (हि.स.)। दवाओं

की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में बुधवार को हरियाणा सहित जिला सोनीपत में केमिस्टों की

राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। जिले में करीब एक हजार मेडिकल स्टोरों ने

बुधवार को चौबीस घंटे बंद रखने की घोषणा की, हालांकि गंभीर मरीजों को दवा उपलब्ध कराने

की व्यवस्था जारी रही। जिला भर में गोहाना खरखौदा, सोनीपत में 70 प्रतिशत बंद रहा,

राई में 50 प्रतिशत असर दिखा जबकि गन्नौर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सभी दुकानें

सामान्य रूप से खुली रहीं। हड़ताल से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं।

जिला

सोनीपत केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने पहले ही प्रशासन को सूचना देकर बंद का समर्थन

किया था। संगठन के अनुसार लंबे समय से लंबित मांगों और बढ़ती समस्याओं के समाधान के

लिए यह एक दिवसीय बंद रखा गया। एसोसिएशन का कहना है कि देशभर में बारह लाख चालीस हजार

से अधिक केमिस्ट और वितरक इस व्यापार से जुड़े हैं, जबकि लगभग चार से पांच करोड़ लोगों

की आजीविका इससे चलती है।

एसोसिएशन

के प्रधान सुरेश कादियान ने बताया कि 11 मई 2026 को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन सोनीपत

के ड्रग कंट्रोल अधिकारी को पत्र भेजकर कई मुद्दों पर ध्यान दिलाया गया।

संगठन ने राज्य

और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप और समर्थन की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध ई-फार्मेसी

का संचालन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही

है। संगठन ने 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना को वापस लेने की मांग भी दोहराई है। संगठन

ने बिना पर्ची दवाओं की बिक्री, फर्जी पर्चियों का उपयोग, एंटीबायोटिक और आदत बनाने

वाली दवाओं तक आसान पहुंच, फार्मासिस्ट और मरीज के बीच संपर्क की कमी, कमजोर नियंत्रण,

नकली दवाओं का खतरा और बढ़ती एंटी माइक्रोबियल प्रतिरोध जैसी चिंताओं को भी सामने रखा।

एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ठोस कदम उठाकर समाधान निकालेगी, जिससे मेडिकल

व्यापार और मरीजों दोनों का हित सुरक्षित रह सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना