हिसार : वर्ष 2017 में भर्ती पीआरटी अध्यापकों को एसीपी लाभ देने के सख्त आदेश

 


मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा

अधिकारियों को दिए निर्देश

मेरिट या पहली-दूसरी सूची के आधार पर भेदभाव नहीं

करने को कहा

हिसार, 01 अक्टूबर (राजेश्वर बैनीवाल)। हरियाणा

के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2017 में भर्ती हुए पीआरटी अध्यापकों को नोशनल लाभ

मिलने के बाद एसीपी का लाभ नियमानुसार प्रदान करने के संबंध में प्रदेश के सभी जिला

मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय की ओर से जारी पत्र में न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निदेशालय के अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय

और उच्च न्यायालय के आदेशों, जिनमें मोहिनी बनाम हरियाणा राज्य तथा सोनू एवं अन्य बनाम

हरियाणा राज्य के मामले शामिल हैं, की पालना करते हुए वर्ष 2017 में नियुक्त सभी पीआरटी

अध्यापकों को नोशनल लाभ प्रदान किया गया था। अब इसी आधार पर संबंधित अध्यापकों को एसीपी

का लाभ देने के निर्देश जारी किए गए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मई 2017 में नियुक्त

पीआरटी अध्यापकों के लिए न्यायालय के आदेशानुसार मई 2017 को कार्यग्रहण की मानी गई

तिथि मानते हुए एसीपी का लाभ नियमानुसार प्रदान किया जाए। इसके लिए वार्षिक गोपनीय

कार्य निष्पादन रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होने के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

दिए गए हैं।

मेरिट और सूची के आधार पर नहीं होगा भेदभाव

पत्र में विशेष रूप से कहा गया है कि नोशनल लाभ

प्राप्त सभी जेबीटी और पीआरटी अध्यापकों के मामलों में उनके मेरिट क्रमांक अथवा प्रथम

और द्वितीय सूची के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए। सभी पात्र अध्यापकों

को नियमानुसार एसीपी लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया समान रूप से लागू करने के निर्देश

दिए गए हैं। सहायक निदेशक, पीआरटी/अतिथि की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों

की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर