हरियाणा में मातृ मृत्यु रोकने को 16 दिन चलेगा राज्यव्यापी अभियान

 

-7 से 22 जुलाई तक सभी जिलों में चलेगा ‘शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु पखवाड़ा’

चंडीगढ़, 06 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने रोकी जा सकने वाली मातृ मौतों को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ 7 से 22 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ‘शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु पखवाड़ा' चलाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से संचालित इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, समय पर रेफरल और प्रसवोत्तर सेवाएं पहुंचाने पर विशेष फोकस रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और मातृ मृत्यु दर को और कम करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अभियान के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर उनका लगातार फॉलो-अप किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा, ताकि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की जटिलता को समय रहते संभाला जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को भी और प्रभावी बनाया जाएगा। आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स और चिकित्सा अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर गर्भवती महिलाओं से संपर्क बनाए रखेंगे।

एनएचएम हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लों ने बताया कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी सिविल सर्जनों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें की जा चुकी हैं। जिलों को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, नियमित प्रसव पूर्व जांच, समय पर रेफरल, प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) में चौबीसों घंटे तैयारियां बनाए रखने और प्रत्येक संवेदनशील मामले की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

एनएचएम के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि अभियान को व्यापक बनाने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा और फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (एफओजीएसआई) के हरियाणा चैप्टर से सहयोग मांगा गया है। निजी अस्पतालों से जुड़े चिकित्सकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का अनुरोध किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा