सिरसा: शिक्षा और स्वास्थ्य पर घटता खर्च हरियाणा के भविष्य के साथ अन्याय: सैलजा

 

सिरसा, 05 फ़रवरी (हि.स.)। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में आई रिपोर्ट से यह तथ्य सामने आया है कि हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर प्रति व्यक्ति खर्च राष्ट्रीय औसत से कम है। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि यही दो क्षेत्र किसी भी राज्य के मानवीय विकास, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की नींव होते हैं। सांसद सैलजा ने गुरुवार को मीडियो को जारी प्रेस बयान में कहा कि राज्य सरकार बड़े-बड़े दावे करती रही है कि नए मेडिकल कॉलेज, बेहतर अस्पताल, आधुनिक विद्यालय और महाविद्यालय खोले गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। अनेक सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी व्यवस्थाएं कमजोर होती हैं तो आम नागरिक को मजबूरन निजी संस्थानों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे शिक्षा और चिकित्सा का बोझ परिवारों पर बढ़ता है। यह स्थिति विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कठिनाई पैदा करती है।

सैलजा ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में ठोस वृद्धि करे, रिक्त पदों को शीघ्र भरे, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए, और इन सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी कहा कि घोषणाओं से अधिक ज़रूरत है प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता की, ताकि जनता को वास्तविक लाभ मिल सके। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का अधिकार है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिले।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma