हिसार: पेट में कीड़े बच्चों के विकास में बन सकते हैं बाधा, कृमि संक्रमण से बचाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
खून की कमी, कुपोषण और कमजोरी जैसी समस्याओं से
बचाव के लिए स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जाएगी दवा
हिसार, 06 नवंबर (हि.स.)। बच्चों के पेट में होने
वाले कीड़े उनकी सेहत के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास को भी प्रभावित कर सकते हैं।
इसके कारण बच्चों में खून की कमी, कुपोषण और कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इसी को देखते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में अभियान को प्रभावी ढंग
से चलाने की तैयारी की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र बच्चा कृमि संक्रमण से बचाव की
दवा लेने से वंचित न रहे।
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए शुक्रवार को
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई।
बैठक
में बच्चों तक दवा पहुंचाने, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभियान को
गति देने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा हुई। अतिरिक्त उपायुक्त
ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों और उनके अभिभावकों
को कृमि संक्रमण के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। दवा
का वितरण और सेवन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने
कहा कि बच्चों का स्वस्थ रहना उनके बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है, इसलिए अभियान को
गंभीरता से लेते हुए हर पात्र बच्चे तक पहुंच बनाई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग,
शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से काम करने तथा अभियान
की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान जिन बच्चों को दवा नहीं मिल
पाएगी या जो दवा सेवन से छूट जाएंगे, उन्हें निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार मॉप-अप
दिवस पर दवा खिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर