गुरुग्राम: डीएचबीवीएन ने गलत बिजली बिलों पर लगाम लगाने काे लागू की एसओपी
-भविष्य के अनुबंधों में उपभोक्ता मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान किया जाएगा
-बिजली बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित
गुरुग्राम, 17 जनवरी (हि.स.)। बिजली उपभोक्ताओं को लंबे समय से चली आ रही अस्थायी एवं गलत बिजली बिलों की समस्या से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विशेष दिश-निर्देश जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि विभागीय जांच में यह सामने आता है कि देरी मीटर रीडिंग एजेंसी के कारण हुई है तो अनुबंध के अनुसार उस पर दंड लगाया जाएगा। भविष्य के अनुबंधों में उपभोक्ता मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान किया जाएगा।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से तीन से अधिक बिलिंग चक्रों तक लंबित रहने वाले अस्थायी बिजली बिलों के निपटारे के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। इसका उद्देश्य बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम के तहत संबंधित अधिकारी पर जुर्माना, उपभोक्ता को मुआवजा तथा आवश्यकता पडऩे पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा विद्युत आपूर्ति संहिता विनियम, 2014 के तहत किसी भी उपभोक्ता का अस्थायी बिल अधिकतम दो बिलिंग चक्रों तक ही जारी किया जा सकता है। कई मामलों में इस नियम का पालन नहीं हो पा रहा था। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा राइट टू सर्विस (आरटीएस) आयोग ने भी संज्ञान लिया था। आयोग की टिप्पणियों और निर्देशों के अनुपालन में अब डीएचबीवीएन ने यह नई एसओपी लागू की है। नई व्यवस्था के तहत निगम ने फील्ड कार्यालयों और संबंधित विंग को प्रक्रियाएं दुरुस्त करने के लिए चार माह का तैयारी काल दिया है। इस अवधि में लंबे समय से लंबित अस्थायी बिलों का चरणबद्ध तरीके से निपटान किया जाएगा। इसके बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी उपभोक्ता दो से अधिक बिलिंग चक्रों तक अस्थायी बिलिंग में न रहे। डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि एसओपी में यह भी व्यवस्था की गई है कि तैयारी काल समाप्त होने के बाद प्रत्येक माह अस्थायी बिलिंग के मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी।
विक्रम सिंह ने बताया कि पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए निगम अपने आईटी सिस्टम में ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर