सोनीपत में 11 वर्षीय छात्र की मौत पर मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

 

-जर्जर स्कूलों पर मानवाधिकार आयोग सख्त

-प्रदेशभर में राजकीय स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश

चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जर्जर स्कूलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में राजकीय स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने शिक्षा विभाग से स्कूलों में सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट तलब की है। आगामी सुनवाई एक अक्टूबर को होगी। दरअसल, 6 अगस्त को सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला गढ़ी बिलिंदा के मुख्य प्रवेश द्वार का एक हिस्सा नीचे गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से 11 वर्षीय यश कुमार मलबे के नीचे दब गया। पहले उसे गन्नौर अस्पताल में ले जाया गया, इसके बाद भगत फूल सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय में दाखिल कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटना में स्कूल का चौकीदार को भी चोटिल हुआ था। लिहाजा, बच्चे की मौत मामले पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने घटना को गंभीर मानते हुए न केवल जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं, बल्कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों, प्रवेश द्वारों, चारदीवारियों और अन्य ढांचागत व्यवस्थाओं की सुरक्षा का व्यापक आकलन कराने को कहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय चौकीदार मुख्य गेट के ऊपर उगी घास और बेलों को हटाने का प्रयास कर रहा था। इन्हें खींचे जाने के दौरान गेट और पिलर से जुड़ी ईंटों की संरचना ढह गई। आयोग ने स्कूल की कथित जर्जर स्थिति का भी संज्ञान लिया है। रिपोर्टों में दीवारों में दरारें, छत से पानी का रिसाव और अन्य संरचनात्मक कमियों का उल्लेख है। यह भी सामने आया है कि स्कूल की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर पहले चिंता जताई गई थी तथा ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया गया था।

आयोग ने स्पष्ट किया कि असुरक्षित स्कूल भवनों की पहचान कर केवल रिपोर्ट तैयार कर देना पर्याप्त नहीं है। कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध, ठोस और सत्यापन योग्य कार्रवाई जरूरी है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से स्कूल की सुरक्षा स्थिति, पूर्व निरीक्षण और शिकायतों, मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों, घटना की जांच और पुलिस जांच, संभावित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा मृतक बच्चे के माता-पिता या कानूनी वारिसों को दिए गए अथवा प्रस्तावित मुआवजे की जानकारी मांगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा