सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन चेतना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक : सैनी

 


चंडीगढ़, 11 मई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना, अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। मंदिर ने हर आक्रमण, हर संघर्ष और हर विपत्ति के बाद राष्ट्र को पुनः खड़े होने की शक्ति दी है।

मुख्यमंत्री सोमवार को कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सैनी को मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों और संत समाज ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और उपस्थित श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष पूजा करते हुए अपना संबोधन दिया। श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे साधु संतों का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शॉल ओढ़ा कर सम्मान भी किया।

मुख्यमंत्री सैनी ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा यह वर्षभर का राष्ट्रीय पर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक जागरण और सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है। वैदिक नदियों अरुणाय और सरस्वती के पावन संगम स्थल पर इस पर्व का आयोजन इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और अधिक दिव्य बना रहा है। उन्होंने कहा कि यहां स्थित प्राचीन संगमेश्वर मंदिर सदियों से इस पवित्र संगम और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का साक्षी रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व 11 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। उन्होंने बताया कि देशभर से श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं तथा हरियाणा से भी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8 जून को विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा