हरियाणा के सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर लगेंगे सोलर पैनल : नायब सैनी

 

सरकारी अस्पतालों को देंगे निजी अस्पतालों से अधिक सुविधाएं

जिला अस्पतालों को अपग्रेड करेगी सरकार

चंडीगढ़, 21 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के सभी सरकारी अस्पताल जल्द ही निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे। इसके लिए सरकार ने रोड मैप तैयार कर लिया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं ताकि संबंधित अस्पताल की बिजली जरूरतें इसी से पूरी हो सकें।इन सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाए ताकि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा की स्वास्थ्य सुविधाओं, सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण तथा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुमिता मिश्रा, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ.आरएस ढिल्लों सहित अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के नागरिक अस्पतालों को इस प्रकार से अपग्रेड किया जाए कि ये आम जन के लिए निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधाजनक हों। उन्होंने वर्तमान में 12 जिलों, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत व नूंह के जिला अस्पतालों के चल रहे नवीनीकरण कार्यों का मूल्यांकन किया और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में 8.83 प्रतिशत मरीजों के इलाज पर सरकार द्वारा 26 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया गया था वहीं 2025-26 में 32 प्रतिशत मरीजों ने योजना के तहत अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में करवाया जिस पर सरकार ने 126 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है। उन्होंने सभी प्रकार की लैब को भी हाई-टेक करने के निर्देश दिए।

सीएमओ की वित्तीय शक्तियां बढ़ाएगी सरकार

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और आवश्यक कार्य करवाने के लिए सिविल सर्जन, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों, एनजीओ तथा सामान्य नागरिकों को मिलाकर जो कमेटी गठित की गई है वह भी अस्पताल की कमियों को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य करें। उन्होंने सिविल सर्जन की वित्तीय शक्ति को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए ताकि अनुमोदन के इंतजार में विकास कार्य बाधित न हों।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा