हिसार : धान की धीमी खरीद व उठान से किसानों व आढ़तियों में भारी रोष : बजरंग गर्ग
बारिश से धान और बाजरे की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान, सरकार तुरंत तेज
करे खरीद व उठान की प्रक्रिया
आढ़तियों को ढाई प्रतिशत पूरा कमीशन दिए जाने की मांग उठाई
हिसार, 01 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं हरियाणा
कॉन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा है कि प्रदेश में धान की खरीद और उठान
बेहद धीमी गति से होने के कारण किसानों और आढ़तियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी
है। मंडियों में धान की आवक लगातार जारी है, लेकिन समय पर खरीद और उठान नहीं होने से
अनाज मंडियां धान से भरी पड़ी हैं।
उकलाना मंडी में किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा
लेते हुए बजरंग गर्ग ने रविवार काे कहा कि हरियाणा में तीन बार हुई बारिश के कारण धान और बाजरे
की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार खरीद और उठान की व्यवस्था
को सुचारू बनाने में विफल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अपने वादे के अनुसार
तुरंत प्रभाव से धान की खरीद और उठान में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने
के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान और
आढ़ती दोनों वर्ग भारी परेशानी झेल रहे हैं। किसान दिन-रात मेहनत करके अनाज पैदा करता
है, लेकिन सरकारी खरीद में बार-बार होने वाली देरी के कारण उसे आर्थिक और मानसिक परेशानियों
का सामना करना पड़ता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों की फसल की समय
पर खरीद, उठान और भुगतान हो।
बजरंग गर्ग ने आढ़तियों के कमीशन में कटौती पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि
सरकार ने धान और गेहूं पर आढ़तियों का कमीशन कम करके उनके साथ अन्याय किया है। पिछले
30 वर्षों से प्रत्येक अनाज की सरकारी खरीद पर आढ़तियों को ढाई प्रतिशत कमीशन मिलता
रहा है, जबकि इस दौरान महंगाई दो से तीन गुणा तक बढ़ चुकी है। ऐसे में कमीशन बढ़ाने
के बजाय घटाना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार अनाज की प्रत्येक सरकारी खरीद
पर आढ़तियों को पहले की तरह ढाई प्रतिशत पूरा कमीशन दे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर