सिरसा में यूरिया खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़, ट्रक कब्जे में
सिरसा, 31 मई (हि.स.)। सिरसा जिले के गांव भंबूर में कृषि ग्रेड की यूरिया खाद को 50 किलो के गट्टों में बदलकर टेक्निकल ग्रेड के नाम पर राजस्थान भेजे जाने का मामला सामने आया है।
भारतीय किसान एकता के अध्यक्ष लखविंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि उन्हें सूचना मिली कि कृषि ग्रेड की यूरिया खाद गट्टों में बदलकर टेक्निकल ग्रेड में बेचा जा रहा है। लखविंद्र सिंह ने बताया कि खेती में प्रयोग होने वाली यूरिया खाद जो कि 45 किलो के गट्टे किसानों को सब्सिडी पर दिए जाते हैं, उन्हें कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से जिले गांव भंबूर में भैंसों के नोहरे में 50 किलो के सफेद गट्टों में भरकर उन पर टेक्निकल ग्रेड का मार्का लगाकर एक ट्रक में लोड किया जा रहा था। किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग सिरसा व पुलिस को दी। शिकायत के बाद मौके पर पुलिस व कृषि विभाग की टीमें पहुंची। कृषि विभाग की टीम ने अवैध रूप से 50 किलो के गट्टों में भरी गई यूरिया खाद को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
लखविंद्र सिंह ने बताया कि कई दिनों से यूरिया खाद अवैध रूप से बाहरी राज्यों की फैक्ट्रीयों में ब्लैक में बेची जाने की सूचनाएं मिल रही थी। यह यूरिया खाद 45 किलो की पैकिंग में 266.50 रुपए एमआरपी कृभको कंपनी की मई 2026 की बनी हुई थी, जो की गट्टे पलटकर 50 किलो के गट्टों में भरकर टेक्निकल ग्रेड का मार्का लगाकर राजस्थान के कोटा में भेजी जा रही थी। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया पर पांच प्रतिशत जीएसटी है, जबकि टेक्निकल ग्रेड की यूरिया पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। उन्होंने कहा कि खाद के साथ-साथ फर्जी जीएसटी स्कैम भी किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन तथा सरकार से मांग की है कि इस खेल में शामिल लोगों का पदार्फाश किया जाए तथा उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसान को यूरिया खाद मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma