मतदाता सूचियाें के गहन पुनरीक्षण पर कांग्रेस व भाजपा ने बुलाई बैठकें

 

-हर बूथ पर होगी कार्यकर्ताओं की तैनाती

चंडीगढ़, 22 मई (हि.स.)। हरियाणा में अब मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण अथवा एसआईआर को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी तथा विपक्षी दल कांग्रेस आमने-सामने होंगे। राज्य में एसआईआर भले ही 15 जून से शुरू होगी लेकिन राजनीतिक दलों ने रणनीति बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस तथा भाजपा ने बूथ स्तर तक संगठन को एक्टिव किया जा रहा है और नेताओं की लगातार बैठकें तय हो रही हैं।सत्तारूढ़ भाजपा ने 25 मई को पंचकूला स्थित प्रदेश मुख्यालय ‘पंचकमल’ में एसआईआर को लेकर बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली सहित सभी सांसद, मंत्री, विधायक, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद, मेयर, जिला परिषद चेयरमैन और एसआईआर से जुड़ी प्रदेश स्तरीय टीमें मौजूद रहेंगी।

कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर बैठक बुला ली है। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 26 और 27 मई को एसआईआर को लेकर दो अहम बैठकें बुलाई गई हैं। पहले दिन एसआईआर समिति की बैठक होगी, जबकि दूसरे दिन बीएलए-। (बूथ लेवल एजेंट्स) के साथ विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी। बैठकों में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में समिति के सभी सदस्यों को आमंत्रित किया है।

हरियाणा में एसआईआर को लेकर 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाएंगे। 14 जुलाई को पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन होगा और 21 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि तय की गई है। 18 सितंबर को क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा होगा और 22 सिंतबर को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा। प्रदेश में योग्यता तिथि पहली जुलाई, 2026 मानी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा