हरियाणा में जारी रहेगा भीषण गर्मी का प्रकोप, कई जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट
राज्य में 25 तक
नहीं मिलेगी राहत, इसके बाद शुरू हो रहे नौतपा में फिर बढ़ेगा तापमान
किसानाें काे कपास की बिजाई टालने की सलाह
हिसार, 20 मई (हि.स.)।
इस माह का पहला पखवाड़ा हल्की बूंदाबांदी के बीच बीतने के साथ ही दूसरे पखवाड़े ने
रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इस पखवाड़े रिकॉर्ड गर्मी की शुरूआत हो चुकी है और कई
जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में इस बार रोहतक जिला सबसे
गर्म माना जा रहा है, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री को पार कर चुका है। हिसार में बुधवार
को अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों
की माने तो 25 मई से नौतपा शुरू होना है लेकिन नौतपा से पहले ही सब कुछ तपने लगा है।
मौसम विभाग व जिले के अधिकारियों ने बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत बचाव रखने की सलाह दी
है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कें व गलियां सुनसान नजर आने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों
का कहना है कि फिलहाल इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। स्थिति
की गंभीरता को देखते हुए ही मौसम वैज्ञानिकों ने लू का ऑरेंज अलर्ट जारी करके नागरिकों
को भीषण गर्मी से अपना बचाव रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है
कि इस बार 15 मई के बाद तक जो भीषण गर्मी पड़ना शुरू हुई है, वह एक रिकॉर्ड है। इसी
के चलते प्रदेश के सात जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया
गया है तथा रोहतक व सिरसा में स्थिति बेहाल करने वाली है। मौसम विभाग ने एडवाजरी जारी
कर सलाह दी है कि चेताया है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घरों से बाहर ना निकलें। आने
वाली 25 मई तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है वहीं 25 मई से शुरू होने वाले नौपता की
वजह से तापमान और भी बढ़ सकता है।
यह रहेगा फिलहाल
तापमान
एचएयू के मौसम विज्ञान
विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में अगले 5 से 6 दिनों तक मौसम
पूरी तरह से शुष्क रहेगा। आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ी गिरावट होने
की संभावना नहीं है। इसके चलते 25 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तीव्र लू का
दौर लगातार जारी रहेगा। विशेषकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में पारा 45 से 47 डिग्री
के बीच बने रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने ये
दी चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी
दी है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। प्यास न
भी लगे, तब भी लगातार पानी पीते रहें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने
के लिए ओआरएस घोल लेते रहें, घर की बनी लस्सी, नींबू पानी, छाछ या चावल का पानी लें।
बाहर जाते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या
छतरी से ढककर रखें। बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें। फसलों को भीषण गर्मी के
तनाव से बचाने के लिए सिंचाई केवल सुबह या देर शाम को ही करें, ताकि तेज धूप से मिट्टी
गर्म न हो। गेहूं और जौ की थ्रेशिंग का काम निपटाकर भूसे को सुरक्षित और ढके हुए स्थान
पर रखें ताकि हवा में न उड़े। तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए सब्जियों में अभी सिंचाई
रोक दें। अगले तीन दिन कपास की बुवाई टाल दें। पशुओं को ठंडे शेड में रखें, पर्याप्त
पानी दें और रोजाना 50 ग्राम नमक व मिनरल मिक्सचर दें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर